किसान आंदोलन के कारण करीब 25 दिन से बंद पड़ा चंडीगढ़ रूट तीन दिन पहले एक बस से शुरू किया गया था। रूट के चालू होते ही सवारियों की संख्या में इजाफा हुआ तो विभाग ने बसों की संख्या बढ़ाकर दो कर दी गई है।
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, इस रूट के बंद होने से काफी नुकसान हो रहा था। लंबा रूट होने के कारण यहां से कमाई अच्छी है। डिपो प्रबंधक राजीव नागपाल का कहना है कि डिपो में लगातार इस रूट को चलाने की मांग की जा रही थी, लेकिन किसान आंदोलन के कारण रूट को चलाना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं था।
अब जबकि आंदोलन की आंच थोड़ी कम हो गई है तो रूट को चालू किया गया है। उन्होंने बताया कि करीब तीन दिन पहले एक बस चलाई गई थी। सवारियों की संख्या देखते हुए एक बस और बढ़ा दी गई है। सुबह पांच बजे व पांच बजकर 45 मिनट पर बसें बल्लभगढ़ डिपो से चलती हैं। यह बसें चंडीगढ़ से एक बजे व एक बजकर 45 मिनट पर फरीदाबाद के लिए चलती हैं। सवारियों की संख्या के हिसाब से बाकी रूट भी जल्द शुरू किए जाएंगे।