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Delhi NCR News: अब जनता बताएगी कहां हो रहा अवैध निर्माण

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- एमसीडी के 311 एप पर फोटो अपलोड कर सकेंगे लोग, एलजी ने सुझाया जनभागीदारी आधारित निगरानी तंत्र
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली प्रशासन अब लोगों की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में उपराज्यपाल टीएस संधू ने सुझाव दिया कि एमसीडी अपने 311 एप और पोर्टल पर ऐसी व्यवस्था विकसित करे, जिसके जरिए लोग अपने इलाके में चल रहे अवैध निर्माण की तस्वीरें सीधे अपलोड कर सकें। प्रशासन का मानना है कि इससे निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी।

सोमवार को हुई डीडीएमए की बैठक में उपराज्यपाल ने अवैध एवं असुरक्षित भवनों, फायर लाइसेंस के दुरुपयोग और आपदा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजधानी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि आग और अन्य आपदाओं के दौरान बड़े जोखिम पैदा करते हैं। ऐसे मामलों की समय रहते पहचान और रोकथाम के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है। उपराज्यपाल ने एमसीडी को सुझाव दिया कि शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाया जाए और उनकी निगरानी भी की जाए। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर निगरानी का दायरा बढ़ेगा और प्रशासन को वास्तविक समय में सूचनाएं मिल सकेंगी। उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और लाइसेंस के दुरुपयोग के खिलाफ चल रही कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवर्तन अभियान के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को कानून का सख्ती से पालन कराने और खुलेआम हो रहे अवैध निर्माण तथा अनधिकृत प्लॉटिंग को तत्काल रोकने के निर्देश दिए।
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डीडीएमए ने पिछले सप्ताह गठित संयुक्त प्रवर्तन टीमों की प्रगति की भी समीक्षा की। इन टीमों में जिला प्रशासन, पुलिस, एमसीडी और दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी शामिल हैं। टीमों को नियमित रूप से कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अग्निवीरों से दूर होगी दमकल विभाग में कर्मियों की कमी

दिल्ली अग्निशमन सेवा में लंबे समय से खाली पड़े परिचालन पदों को भरने के लिए उपराज्यपाल ने पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया है। डीडीएमए की बैठक में उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पूर्व अग्निवीरों को दमकल विभाग में शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, इससे एक ओर विभाग में मौजूद कर्मियों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, वहीं आपात स्थितियों से निपटने के लिए पहले से प्रशिक्षित युवाओं का अनुभव भी राजधानी को मिलेगा। बैठक में दिल्ली में अग्निशमन केंद्रों की संख्या बढ़ाने और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
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फायर विभाग की निष्क्रियता पर एलजी नाराज

बैठक में उस समय उपराज्यपाल ने नाराजगी जताई, जब उन्हें बताया गया कि अवैध और अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ चल रहे अभियान के बावजूद दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने अब तक एक भी नोटिस जारी नहीं किया है। इस पर एलजी ने डीएफएस के प्रधान निदेशक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और उसकी प्रगति रिपोर्ट उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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