- नई व्यवस्था में अफसरों की जवाबदेही तय करेंगे जिला मजिस्ट्रेट, लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई का अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही पर लगाम कसने के लिए दिल्ली सरकार ने जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को व्यापक अधिकार देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत डीएम अब विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराने सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर सकेंगे।
गृह मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि हाल के दिनों में अवैध निर्माण और फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुए हादसों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। इसी के मद्देनजर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए यह फैसला किया गया है। गृह मंत्री के अनुसार अब संबंधित प्रशासनिक जिले में कार्यरत किसी भी विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने, एफआईआर दर्ज कराने, अवकाश स्वीकृत अथवा निरस्त करने और कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की शक्तियां जिला प्रशासन को दी जाएंगी।
सरकार का मानना है कि अब तक एमसीडी, डीडीए, फायर सर्विस, बिजली विभाग और पुलिस जैसी एजेंसियों के बीच अधिकारों के बंटवारे के कारण जवाबदेही तय करने में कठिनाई आती थी। कई मामलों में अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर कार्रवाई से बच जाते थे।
डीएम की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समितियों का किया गठन
सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समितियों के गठन का भी फैसला किया है। इन समितियों में दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, बिजली वितरण कंपनियों, एमसीडी और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित परिसर को तत्काल सील किया जा सकेगा।
डीएम को मिलेंगी ये प्रमुख शक्तियां...
- अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का अधिकार
- सीधे एफआईआर दर्ज कराने की शक्ति
- अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अधिकार
- अवकाश स्वीकृत या निरस्त करने की शक्ति
- संयुक्त निरीक्षण समितियों की अध्यक्षता
- नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई और सीलिंग की निगरानी
- विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी