फर्जी तरीके से पेंशन लेने वालों पर प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने फर्जी पेंशन लेने वालों की सूचना देने वालों को 5000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
साथ ही सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाएगा। यह जानकारी जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पेंशन के रुप में दी जाने वाली आर्थिक मदद के लिये शर्तो में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
बल्कि नई पेंशन प्रणाली में शर्तो को बढ़ाने की अपेक्षा घटाया गया है। उपायुक्त ने जिले में पेंशन लाभार्थियों व नये आवेदनों के लिये आहवान किया है कि उन्हे पेंशन की शर्तो के संबंध में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब 15 वर्ष पुराना वोटर कार्ड भी मान्य होगा। यदि वोटर कार्ड में आयु 60 वर्ष होती है तो आवेदक पेंशन का पात्र होगा। उन्होंने कहा कि बड़ी संतान की आयु का प्रमाण-पत्र जिसमें आयु 41 वर्ष हो वह भी मान्य होगा।
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि शर्तो मे छूट को तुरन्त लागू कर लाभार्थियों को लाभ दें और पात्र व्यक्तियों की नई पेंशन जल्द से जल्द बनवाई जाए। उन्होनें यह भी कहा कि जो भी पेंशन धारक अपनी स्वेच्छा से पेंशन छोडना चाहता है उसे सरकार द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया जायेगा।