वाहन चालकों को करीब 15 दिन तक डीजल-पेट्रोल की कमी का सामना करना पड़ेगा। रविवार को ऑयल की कमी 10 फीसदी से बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई। मथुरा रिफाइनरी में मेंटेनेंस के चलते ऑयल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है।
जनपद में नौ लाख से ज्यादा वाहन हैं। इनको तीन लाख लीटर पेट्रोल और चार लाख लीटर डीजल की जरूरत रोजाना पड़ती है। जनपद के 65 पेट्रोल पंपों पर ऑयल मथुरा रिफाइनरी से आता है।
एक सप्ताह से रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम चल रहा है। इसके चलते डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में 10 फीसदी की कमी आ गई थी। रविवार को यह कमी बढ़कर 25 फीसदी हो गई।
पेट्रोलियम एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ब्रजमोहन सिंघल ने बताया कि अभी आवक में इस कमी का सामना करीब 15 दिन तक करना पड़ सकता है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी वाहन चालकों को डीजल-पेट्रोल मिलता रहे।