शिक्षा निदेशालय ने बीते जून की शुरुआत में ऑनलाइन ट्रांसफर लिंक ओपन कर दिया था। इसके तहत एक ही स्कूल में 10 साल से अधिक समय तक सेवा करने वाले सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ट्रांसफर के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया था।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों का एक स्कूल में दस वर्ष से अधिक समय होने पर स्थानांतरण नहीं होगा। शिक्षा मंत्री आतिशी ने शिक्षा सचिव को पत्र जारी कर इस फैसले को वापस लेने को कहा है। पत्र में उन्होंने शिक्षा सचिव को कहा कि इस तरह के निर्णय जिससे कि शिक्षक के मनोबल या कामकाजी स्थिति प्रभावित हो उनकी सहमति के बिना नहीं लिए जाए। उन्होंने इस मामले को लेकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर मांगी है।
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इस मामले पर शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शिक्षा मंत्री से मुलाकात की थी। शिक्षा निदेशालय ने बीते जून की शुरुआत में ऑनलाइन ट्रांसफर लिंक ओपन कर दिया था। इसके तहत एक ही स्कूल में 10 साल से अधिक समय तक सेवा करने वाले सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ट्रांसफर के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया था। ऐसा ना करने पर उन्हें शिक्षा निदेशालय द्वारा किसी भी स्कूल में स्थानांतरित करने की बात कही गई थी। निदेशालय के इस फैसले से शिक्षकों में काफी अफरा-तफरी थी।
ऐसे में सोमवार को शिक्षकों के एक संगठन लोकतांत्रिक अध्यापक मंच के नेतृत्व में बीस से अधिक शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री आतिशी से मुलाकात की। मंच के अध्यक्ष कृष्ण फोगाट ने बताया कि पहली बार यह नियम लाया गया जिसमें एक स्कूल में शिक्षक के दस साल पूरे होने पर उसका स्थानांतरण करने की बात कही गई। यह पूरी तरह से गलत है। कई शिक्षक स्कूलों में लंबे समय से पढ़ा रहे हैं ऐसे में स्थानांतरण दूसरे स्कूल में कर दिया जाएगा तो उन्हें वहां तालमेल बिठाने में काफी समय लग जाएगा।