पेड़ों की ऐतिहासिक प्रजातियों को लेकर प्रसिद्ध नई दिल्ली के लोधी गार्डन में अब आपको क्यूआर कोड स्कैन करते ही फोन पर पेड़ की उम्र से लेकर उसकी प्रजाति के बारे में जानकारी मिल सकेगी। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) नए साल से पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाने की पहल करने जा रही है।
इसके तहत एनडीएमसी ने लोधी गार्डन के 100 पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाने का निर्णय लिया है। ताकि वहां घूमने आने वाले लोगों को पेड़ों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। जैसे उसकी उम्र, वैज्ञानिक नाम, प्रचलित नाम, लंबाई, चौड़ाई, फूलों का रंग, फूल खिलने का मौसम, फल आने का मौसम, चिकित्सा और अन्य इस्तेमाल आदि। इन पेड़ों की तस्वीर स्कैन करते ही फोन पर उपलब्ध होगी।
परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 1 जनवरी से लोग लोधी गार्डन में क्यूआर कोड के जरिए पेड़ों के इतिहास के बारे में जानकारी ले सकेंगे। परिषद अध्यक्ष नरेश कुमार का कहना है कि प्रकृति के प्रति लोगों में रुचि जगाने और उन्हें इसे बचाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।
फिलहाल इसकी शुरुआत 100 पेड़ों से की जा रही है। इसके बाद एनडीएमसी इलाके के और पेड़ों को क्यूआर कोड से लैस किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिन पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाया जा रहा है, उनमें से कई की उम्र 100 साल से भी अधिक है। लोधी गार्डन में करीब सात हजार प्रजातियों के पेड़ उपलब्ध हैं।