जवाहर लाल नेहरू अरबन रिनुअल मिशन (जेएनयूआरएम) के तहत नोएडा को मिलने वाली सौ बसें अब नहीं मिलेंगी।
शासन से 20 जनवरी तक रिपोर्ट न जा पाने के कारण यह दिक्कत हुई है। दरअसल, जेएनयूआरएम के तहत शहरों की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार बसें उपलब्ध करवाती है।
नोएडा को भी सौ बसें मिलनी थीं। इसके लिए केंद्र ने 20 जनवरी तक प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराने को कहा। इस प्रस्ताव में आबादी के हिसाब से बसों की संख्या का पूरा ब्योरा बनाकर देना था।
इस मिशन के तहत मिलने वाली बसों के लिए राज्यस्तर पर गठित कमेटी के माध्यम से यह रिपोर्ट भेजी जानी थी। मुख्यमंत्री खुद इस कमेटी के प्रमुख हैं।
व्यस्तता के चलते उनकी तरफ से रिपोर्ट केंद्र को 20 जनवरी तक नहीं भेजी गई। तय तिथि बीत जाने के बाद इस प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं रह गया। अगर समय से प्रस्ताव चला जाता तो गर्मी तक ये बसें मिल जातीं।