राजधानी में सार्वजनिक शौचालयों की तलाश में आम लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा, इनकी लोकेशन आने वाले समय में मोबाइल के एक क्लिक पर पता चल जायेगी। हाईकोर्ट तीनों नगर निगम को सार्वजनिक शौचालयों की मैपिंग व इनकी जानकारी मोबाइल ऐप व इंटरनेट के जरिये आम लोगों को मुहैया करवाने का निर्देश दिया है।
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मोबाइल ऐप पर मिलेगी सार्वनिक शौचालयों की लोकेशन
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने निगमों द्वारा पेश किये गये हलफनामों को पढने के बाद यह निर्देश दिया है। इन हलफनामों में कहीं भी सार्वजनिक शौचालयों की लोकेशन नहीं दिख रही थी। कोर्ट ने इसके बाद निगमों को सावर्जनिक शौचालयों की मैपिंग करने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट ने सिविक एजेंसियों को दिया शौचालयों की मैंपिंग का निर्देश
खंडपीठ ने सभी सरकारी एजेंसियों को सार्वजनिक शौचालयों की मैंपिंग व इसकी जानकारी मोबाइल ऐप व इंटरनेट के जरिये आम लोगों की मुहैया करवाने की संभावना पर कार्य करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में 30 अक्तूबर को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने इस मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। इस मामले में सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी एनडीएमसी आयुक्त व दिल्ली एनवायरोंमेंट मैनेजमेंट सर्विसेस (डीईएमएस) के निदेशक को देने का निर्देश अन्य सभी एजेंसियों को दिया है।
खंडपीठ ने कहा सिविक एजेंसी यह देखें कि भीड़ भाड़ इलाकों से मार्केट व दूसरे कमर्शियल स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय पर्याप्त संख्या में होने चाहिये। कोर्ट ने यह निर्देश शाहबाद डेयरी इलाके में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय न होने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये दिया है। कोर्ट ने पिछली तारीख पर पूछा कि काम के दौरान एमसीडी व पुलिसकर्मी शौच व पेशाब करने कहां जाते हैं।