यूपी बोर्ड इंटर कालेजों के बाद अब मदरसे भी ऑनलाइन किए जाएंगे। मदरसों में कितने छात्र हैं? कितने शिक्षक और क्या संसाधन हैं? शासन द्वारा इसकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इससे मदरसों के संचालन में पारदर्शिता रहेगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद कलीम ने बताया कि पिछले सप्ताह लखनऊ में आयोजित बैठक में इस फैसला लिया गया है। मोहम्मद कलीम बताते हैं कि जिले में कुल 82 मदरसे हैं।
शासन से जब किसी मदरसे की सूचना मंगाई जाती थी तो इसकी पूरी प्रक्रिया संपन्न होने में पंद्रह दिन से एक माह तक समय लग जाता था। मदरसों के ऑनलाइन हो जाने से इसकी सीधी निगरानी शासन के जरिए होगी।
प्रत्येक वर्ष शासन ने कितनी सहायता राशि मदरसों को दी और कितना पैसा मदरसों को मिला और उससे क्या-क्या संसाधन विकसित किए गए, सबकी सूची नेट पर अपलोड होगी।