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Delhi: अब एआई और डेटा एनालिटिक्स से बनेगा दिल्ली का बजट, सरकार ला रही स्मार्ट फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम

Thu, 12 Mar 2026 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार एक स्मार्ट फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रीयल-टाइम डेटा के आधार पर राजस्व, खर्च और नकदी प्रवाह का अनुमान लगाकर बजट तैयार किया जाएगा, जिससे वित्तीय फैसले ज्यादा सटीक और तेज हो सकेंगे।
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demo - फोटो : SWAYAM
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विस्तार
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सरकारी बजट बनाने की प्रक्रिया अब तकनीक के सहारे बदलने जा रही है। दिल्ली सरकार एक स्मार्ट फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रीयल-टाइम डेटा के आधार पर राजस्व, खर्च और नकदी प्रवाह का अनुमान लगाकर बजट तैयार किया जाएगा, जिससे वित्तीय फैसले ज्यादा सटीक और तेज हो सकेंगे।

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इस नई व्यवस्था का मकसद बजट को ज्यादा डेटा पर आधारित, पारदर्शी और सही बनाना है। सरकार का मानना है कि अगर सही आंकड़ों के आधार पर योजना बनेगी तो संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रस्तावित सिस्टम में मशीन लर्निंग आधारित अनुमान मॉडल का इस्तेमाल होगा। ये मॉडल पिछले वर्षों के आंकड़ों और मौजूदा रुझानों का विश्लेषण करेंगे और भविष्य के लिए अनुमान तैयार करेंगे।

उदाहरण के तौर पर सिस्टम यह बता सकेगा कि आने वाले समय में किस विभाग का खर्च बढ़ सकता है या किस क्षेत्र से सरकार की आय बढ़ने की संभावना है। इससे सरकार समय रहते अपनी वित्तीय योजना बेहतर तरीके से बना सकेगी। इस सिस्टम में एआई आधारित अलर्ट सिस्टम भी होगा। अगर राजस्व या खर्च के पैटर्न में अचानक कोई असामान्य बदलाव होता है तो सिस्टम तुरंत इसकी जानकारी देगा। इससे वित्तीय गड़बड़ी या जोखिम का पता शुरुआती चरण में ही लगाया जा सकेगा।
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रीयल-टाइम डेटा से बनेगा बजट
नया सिस्टम सभी सरकारी विभागों से मिलने वाले आंकड़ों को एक जगह जोड़कर सरकार को रीयल-टाइम वित्तीय स्थिति दिखाएगा। इसका मतलब है कि अधिकारी किसी भी समय देख सकेंगे कि किस विभाग ने कितना बजट खर्च किया है और कितना पैसा अभी बाकी है। इसके लिए डिजिटल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे, जहां चार्ट और ग्राफ के रूप में वित्तीय जानकारी दिखाई देगी। इससे अधिकारियों को आंकड़े समझने और जल्दी फैसला लेने में आसानी होगी।

एआई खुद तैयार करेगा रिपोर्ट
इस सिस्टम की मदद से वित्तीय रुझानों की रिपोर्ट भी अपने-आप तैयार होगी। जैसे हर तिमाही में यह रिपोर्ट बताएगी कि सरकार की आय और खर्च किस दिशा में जा रहे हैं और आगे क्या स्थिति हो सकती है। सिस्टम में एक कन्वर्सेशनल एआई फीचर भी होगा। यानी अधिकारी सामान्य भाषा में सवाल पूछकर भी जानकारी हासिल कर सकेंगे। उदाहरण के लिए वे पूछ सकते हैं कि किसी विभाग का खर्च कितना बढ़ा है या किस योजना पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च हुआ।

वैज्ञानिक तरीके से बनेगा बजट
नए सिस्टम में बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और डेटा आधारित होगी। इसमें पुराने आंकड़े, चल रही योजनाएं और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर बजट का अनुमान लगाया जाएगा। इससे बजट बनाने में लगने वाला समय कम होगा और गलती की संभावना भी घटेगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी
इस सिस्टम में बजट से जुड़ी हर प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस स्तर पर बजट में क्या बदलाव किया गया। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के बीच डेटा साझा करना भी आसान होगा। सारी वित्तीय जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी, जिससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का मानना है कि एआई और डेटा एनालिटिक्स आधारित यह बजट प्रणाली लागू होने के बाद वित्तीय प्रबंधन में बड़ा बदलाव आएगा। इससे बजट ज्यादा सटीक बनेगा, खर्च पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और सरकारी संसाधनों का उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

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