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प्रॉपर्टी का मिल जाएगा ब्यौरा, अब बिल्डर नहीं दे पाएंगे प्रोजेक्ट की झूठी जानकारी

Sat, 23 Apr 2016 04:18 AM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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आपका फ्लैट जिस प्रोजेक्ट में है, उसका नक्शा पास हुआ है या नहीं यह जानकारी अब आपको घर बैठे मिल जाएगी। नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर खरीदार इसका ब्योरा यह देख सकेंगे। इससे बिल्डर झूठ नहीं बोल पाएंगे। बिल्डर और खरीदारों के बीच मौजूदा समय में काफी विवाद चल रहा है। रजिस्ट्री न होने से खरीदार परेशान हैं। ऐसे में यह सुविधा लोगों के लिए राहत का काम करेगी।
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प्राधिकरण की वेबसाइट (www.noidaauthorityonline.com) पर अगस्त 2015 से अब तक जितने भी कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी हुए हैं, उन सभी को अपलोड कर दिया गया है। अब तक 38 प्रोजेक्ट को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी हुए हैं जबकि कुल 74 प्रोजेक्ट हैं। इनमें से कुछ बिल्डरों ने पार्ट कंपलीशन भी लिए हैं। प्रोजेक्ट के कुछ हिस्से का कंपलीशन लेकर फ्लैटों की रजिस्ट्री कर रहे हैं।

इसके अलावा प्राधिकरण अगले महीने से स्वीकृत होने वाले नक्शों का ब्योरा भी इसी वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। अब जो बिल्डर नक्शा पास कराएंगे, उनके खरीदार यह जान सकेंगे कि बिल्डिंग का निर्माण तय नक्शे के अनुसार हो रहा है या फिर उसने कुछ बदलाव किया है। इसका फायदा यह होगा कि खरीदार इस वेबसाइट से जान सकेंगे कि उनके फ्लैट से जुड़े प्रोजेक्ट को प्राधिकरण से कंपलीशन मिला है कि नहीं।
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ई-फाइल बननी शुरू
प्राधिकरण ने पुरानी फाइलों को संभालने के झंझट से निजात पाने के लिए डिजिटलाइजेशन (ई-फाइल) पर काम शुरू कर दिया है। पुरानी फाइलों को स्कैन कर कंप्यूटर में सेव किया जा रहा है। सभी आवंटनों की ई-फाइल तैयार की जा रही है। इससे जरूरत पड़ने पर अलमारी खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि कंप्यूटर पर एक क्लिक से ढूंढा जा सकेगा। खासकर किसी तरह की जांच के समय मदद मिलेगी। अब तक ई-फाइल न होने से यादव सिंह प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई की तरफ से कोई दस्तावेज मांगने पर फाइल ढूंढकर उसकी फोटोकॉपी करवाकर भेजा जाता है, जिसमें बहुत वक्त और पैसा बर्बाद होता है। प्राधिकरण ने लाखों रुपये फोटोकॉपी पर खर्च कर दिए। पहले चरण में आवंटित संपत्तियों से जुड़ी फाइलों की ई-फाइल तैयार की जा रही है।
 
सोमवार को प्राधिकरण की टीम करेगी जांच
प्राधिकरण के नियोजन सेल की टीम सोमवार को आम्रपाली सफायर, सिलीकॉन सिटी समेत समेत आधा दर्जन प्रोजेक्ट की जांच करने मौके पर जाएगी। प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल ने बताया कि फ्लैट खरीदारों की शिकायत के आधार पर टीम मौके पर देखेगी कि बिल्डर ने कितना काम कराया है और खरीदारों की मांग कितनी जायज है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। दरअसल, आम्रपाली सफायर प्रोजेक्ट 2009 में लांच हुआ है, लेकिन अब तक पजेशन नहीं मिला है। खरीदार रजिस्ट्री न होने से परेशान हैं। इसी तरह सिलीकॉन सिटी में भी बिल्डर ने वादे के अनुरूप सुविधाएं नहीं दी हैं, जिस पर खरीदार बिल्डर के खिलाफ आए दिन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी मुहिम छेड़ी गई है।
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