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अब 33 नहीं 15 फीसदी ही फीस बढ़ेगी

Thu, 23 Apr 2015 01:23 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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राम किशन इंस्टीट्यूट में फीस बढ़ोतरी मामले को लेकर पैरेंट्स ने बुधवार सुबह स्कूल डायरेक्टर की शवयात्रा क्या निकाली कि दोपहर तक स्कूल प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
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दोपहर को स्कूल प्रबंधन और पैरेंट्स के बीच 33 की जगह 15 फीसदी फीस बढ़ाए जाने पर समझौता हो गया। इसके साथ ही पैरेंट्स और स्कूल प्रबंधन के बीच पिछले कई दिनों से चली आ रही तनातनी समाप्त हो गई।

फीस बढ़ोतरी का मामला इन दिनों शहर के अधिकांश स्कूलों में गरमाया हुआ है। राम किशन इंस्टीट्यूट में भी पैरेंट्स 33 प्रतिशत फीस बढ़ाने के खिलाफ थे। इसके लिए मंगलवार को पैरेंट्स ने स्कूल के गेट पर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ भी किया था।
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बुधवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पैरेंट्स ने राम किशन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर की शव यात्रा निकाली। शव यात्रा स्कूल से शुरू होकर हनुमान मंदिर होते हुए वापस स्कूल पहुंची।

तब तक स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस भी वहां पहुंच चुकी थी। पुलिस ने समझा बुझाकर सभी को शांत कराया और पुतले का दाह संस्कार नहीं होने दिया।

इस मुद्दे पर स्कूल प्रबंधन ने पुलिस अधिकारियों के साथ अभिभावकों से बातचीत की। पैरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी हरीश कुमार का कहना है कि आंदोलन के बाद स्कूल प्रबंधन ने अब 33 फीसदी फीस बढ़ाए जाने से कदम पीछे खींचते हुए मात्र 15 फीसदी फीस बढ़ाने का वादा किया है। पैरेंट्स इस पर तैयार हो गए हैं।

स्कूल प्रबंधन बोला
स्कूल के डायरेक्टर आलोक गर्ग ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने तीन वर्ष बाद फीस बढ़ाई थी। फीस के स्लैब को पैरेंट्स समझ नहीं पा रहे थे। जब बैठक हुई तो उन्हें हर बात समझाई गई।

स्कूल प्रबंधन अब फीस मासिक लेगा। साथ ही बढ़ी फीस के मामले में  समझौता हो गया है। स्पेशल कैटेगिरी में फीस में कंसेशन भी दिया जाएगा।

25 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
फीस वृद्धि मामले में अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति के सदस्य 25 अप्रैल को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। समिति की अध्यक्ष एडवोकेट किरन शर्मा ने बताया कि यह प्रदर्शन पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ होगा।

पब्लिक स्कूलाें ने मनमाने तरीके से 50 से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, वह नाजायज है। जिला प्रशासन अभिभावकाें की नहीं सुन रहा है। इसलिए केंद्र सरकार के समाने अभिभावक इस मुद्दे को उठाएंगे।
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