यातायात नियमों की परवाह न करने वाले अब संभल जाएं, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस ने औचक चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। रोजाना तीन घंटे शहर की सड़कों पर वाहनों की सघन चेकिंग की जाएगी।
इस अभियान की कमान खुद ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी संभालेंगे। सोमवार को अभियान के पहले दिन सेक्टर-31/25 चौराहे पर यातायात नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसा गया।
पिछले साल काटे गए चालानों के आंकड़ों ने जिला पुलिस अधिकारियों को चौंका दिया है। 72 हजार से ज्यादा चालान काटकर महकमे ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला है, लेकिन बावजूद इसके खुलेआम ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
सड़कों पर बरती जा रही लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी की ओर से ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद रोजाना तीन घंटे का औचक चेकिंग अभियान शुरू किया गया है।
सोमवार शाम एसपी (ट्रैफिक) सुनीता सिंह की अगुवाई में सेक्टर-31/25 चौराहे पर वाहनों की जांच की गई। इस दौरान रेडलाइट जंप करने, जेब्रा लाइन लांघने, बिना हेलमेट दुपहिया चलाने और सीट बेल्ट न लगाने वाले दर्जनों वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई।
यातायात निरीक्षक समेत दो ट्रैफिक उप निरीक्षक, ट्रैफिक पुलिस के कई हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल अभियान में तैनात दिखे।
प्राधिकरण से क्यों मांगे गए स्पीडो मीटर?
एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ट्रैफिक पुलिस के पास संसाधन नहीं है। केवल एक ही स्पीडो मीटर से काम चलाया जा रहा है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने पत्र लिखकर दो अतिरिक्त स्पीडो मीटरों की मांग प्राधिकरण से की है। इनके मिलने के बाद एक्सप्रेसवे पर एक साथ तीन स्थानों पर चेकिंग की जा सकेगी।