दिल्ली हाईकोर्ट ने बहुचर्चित कुंजुम बुद्धिराजा हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए संत राम को चार सप्ताह की पैरोल प्रदान की है।
न्यायमूर्ति वीना बीरबल ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि संत राम की दादी की मौत हो गई है और उसका वहां जाना जरूरी है।
संत राम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल 15 वर्ष से जेल में है और उसने मात्र एक बार पैरोल ली है।
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संत राम व कांग्रेस के पूर्व नेता रोमेश शर्मा को ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2008 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 में संत राम की सजा बहाल रखी थी जबकि रोमेश शर्मा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
कुंजुम की 20 मार्च 1999 में महरौली स्थित एक फार्म हाउस में हत्या कर दी गई थी।