नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोटो) अंगदान और प्रत्यारोपण के नियमों का पालन नहीं करने पर गंगाराम अस्पताल को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। बीते सप्ताह गंगाराम अस्पताल में एक ब्रेन डेड मरीज के निकाले गए तीन अंगों को इसी अस्पताल में भर्ती मरीजों को प्रत्यारोपित कर दिया गया।
दरअसल नियमों के मुताबिक एक ब्रेन डेड मरीज से यदि दो किडनी निकाली जाती है तो एक किडनी किसी अन्य अस्पताल में भर्ती मरीज को प्रत्यारोपित की जानी चाहिए। नोटो निदेशक डॉ. विमल भंडारी ने कहा कि ब्रेन डेड मरीज की यदि दोनों किडनी निकाली जाती है तो एक किडनी दूसरे अस्पताल में किसी मरीज को प्रत्यारोपित की जानी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
29 दिसंबर को गंगाराम अस्पताल में एक मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया था उसके बाद ब्रेन डेड मरीज की दोनों किडनी और लिवर का प्रत्यारोपण अस्पताल में ही भर्ती दो मरीजों का किया गया था।
उधर गंगाराम अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज के ब्रेन डेड होने के बाद अंगों को निकालने के पहले इसकी सूचना नोटो को दी थी। नोटो को यह भी बताया गया था कि अस्पताल में लिवर और किडनी प्रत्यारोपण के इंतजार में मरीज भर्ती हैं जबकि हृदय प्रत्यारोपण के लिए फिलहाल कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है।