देशभर में वायु गुणवत्ता की फिक्र किए बिना नए साल का जश्न बड़े धूम-धाम से मनाया गया। दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जगह-जगह न सिर्फ पटाखे जलाए और दागे गए बल्कि खराब वायु गुणवत्ता की जानकारी के बावजूद प्राधिकरण वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं कर सके। जश्न के बीच न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में हवा बदतर हुई है बल्कि देश के अन्य प्रमुख हिस्सों में भी हवा का स्तर लाल निशान पर दर्ज किया गया। यह बात केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों से सामने आई है।
सोमवार को बीते चौबीस घंटों के आधार पर सीपीसीबी की ओर से शाम 4 बजे जारी किए गए वायु गुणवत्ता बुलेटिन के मुताबिक 1 जनवरी को सबसे बदतर वायु गुणवत्ता के मामले में हरियाणा का गुडग़ांव अव्वल व फरीदाबाद चौथे स्थान पर रहा। इसके अलावा बेहद खराब वायु गुणवत्ता के मामले में दूसरे नंबर पर बिहार का मुजफ्फरपुर व तीसरे स्थान उत्तर प्रदेश का आगरा और पांचवे स्थान पर वाराणसी का नाम दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में भी वायु गुणवत्ता लाल निशान पर बरकरार है।
सीपीसबी के मुताबिक दर्ज किए गए इस खराब वायु गुणवत्ता में सबसे अधिक हानिकारक तत्व पर्टिकुलेट मैटर 2.5 व पर्टिकुलेट मैटर 10 अपने तय मानकों से उच्च स्तर पर मौजूद रहे। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट के पर्यावरणविद ऐसी स्थिति में इमरजेंसी एक्शन प्लान लागू करने की मांग कर रहे हैं। सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि वायु गुणवत्ता बेहद ही खराब स्थितियों में है वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए तत्काल एक्शन प्लान लागू किया जाना चाहिए। यदि एक्शन प्लान लागू करने में देरी की जाती है तो इसका प्रतिकूल प्रभाव लोगों की सेहत व पर्यावरण पर पड़ेगा।
2 जनवरी को जारी किया गया सीपीसीबी का बुलेटिन-
(बीते 24 घंटों के आधार पर औसत आंकड़े)
स्थान वायु गुणवत्ता
गुडग़ांव, हरियाणा - 440 (अति गंभीर)
मुजफ्फरपुर, बिहार - 392 (बेहद खराब)
आगरा, यूपी - 371 (बेहद खराब)
फरीदाबाद,हरियाणा - 366 (बेहद खराब)
वाराणसी, यूपी - 345 (बेहद खराब)
दिल्ली- 344 (बेहद खराब)
कानपुर, यूपी - 328 (बेहद खराब)
लखनऊ, यूपी - 325 (बेहद खराब)
रोहतक, हरियाणा - 305 (बेहद खराब)
गया, बिहार - 256 (बेहद खराब)
नोट : वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक 301 से 400 के बीच आंकड़े बहुत खराब (लाल निशान) की स्थिति को दर्शाते हैं। जबकि 401 से 500 के बीच के एक्यूआई आंकड़े वायु गुणवत्ता की स्थिति को अंतिगंभीर यानी गहरे लाल की श्रेणी में रखा जाता है।