रजिस्ट्री के बिना पजेशन देने पर छह बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है। इन बिल्डरों को जल्द रजिस्ट्री न कराने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
एआईजी स्टांप द्वितीय अखिलेश दूबे ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के छह बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने बिना रजिस्ट्री के पजेशन दे दिए हैं। बिल्डर, फ्लैट खरीदारों से पैसे भी ले चुके हैं, लेकिन खरीदार के नाम पर रजिस्ट्री नहीं कर रहे हैं।
वह स्टांप का पैसा भी ले चुके हैं। विभाग को इनकी शिकायत मिली है, जिस पर नोटिस जारी किया गया है। हालांकि नोटिस में समय सीमा तय नहीं की गई है।
एआईजी का कहना है कि उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट की धारा-13 व संपत्ति अधिनियम की धारा-30 के तहत कोई भी बिल्डर तब तक संपत्ति खरीदार को पजेशन नहीं दे सकता, जब तक कि संपत्ति का पंजीकरण न हो जाए।
ग्रेटर नोएडा में बिल्डर इन दोनों एक्ट का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। खासकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पजेशन दे चुके हैं। खरीदारों से रजिस्ट्री का पैसा भी ले चुके हैं। एआईजी ने कहा है कि इन छह बिल्डरों के अलावा और भी हैं, जिन्होंने बिना रजिस्ट्री के पजेशन दे रखे हैं। इन प्रोजेक्ट का सर्वे कर नोटिस भेजी जाएगी।
सर्किल रेट पर सिर्फ दो आपत्ति
सर्किल रेट की रिवाइज लिस्ट पर ग्रेटर नोएडा से सिर्फ दो आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इनमें से एक आपत्ति सूरजपुर और दूसरा ईकोटेक का रेट बढ़ाने पर हैं। दोनों शिकायतकर्ता ने रेट घटाने की मांग की है।
इन आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में सुबह करीब 11:30 बजे बैठक होगी। इसमें आपत्ति करने वालों की मांग पर विचार-विमर्श कर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। डीएम के हस्ताक्षर के बाद इसे 1 अगस्त से लागू करने की योजना है। इस बार ग्रेटर नोएडा के ज्यादातर हिस्सों में सर्किल रेट में वृद्धि नहीं की गई है। हालांकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के कुछ सेक्टरों में वृद्धि प्रस्तावित है।