कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट एक बार फिर देरी से मिलने लगी हैं। एक महीने पहले भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ रहा था जब दिल्ली सरकार ने लैब को एक दिन में ही रिपोर्ट देने के सख्त निर्देश दिए थे लेकिन राजधानी के लोग एक बार फिर वही स्थिति का सामना कर रहे हैं।
इसे लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि कोरोना की रिपोर्ट में देरी होने के चलते कई लैब संचालकों को नोटिस दिया है। बीते दो दिन में दो लैब संचालकों से जबाव भी मांगा है।
हालांकि सत्येंद्र जैन का कहना है कि एक व्यक्ति अगर कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसके संपर्क में आने वाले कई लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में जांच कराने वालों की लंबी लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। जबकि नियम यह कहता है कि अगर कोई कोरोना पॉजिटिव है और उसके संपर्क में आया कोई व्यक्ति हाईरिस्क जोन (डायबिटीज, किडनी या अन्य रोग, बुजुर्ग, लक्षण) इत्यादि है तो ही वह जांच कराने जाए।
कोरोना जांच को लेकर एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार ने जांच नियमों को लागू किया है जिसमें लक्षणों के आधार पर ही जांच को अनिवार्यता दी गई है। हालांकि इस आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं है और वह किसी संक्रमित के संपर्क में
आया है तो क्या उसे जांच करानी चाहिए?
दिल्ली में कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि सामुदायिक फैलाव का फैसला केंद्र सरकार करेगी। इसमें दिल्ली सरकार का हस्तक्षेप नहीं है। हालांकि दिल्ली में ऐसे बहुत से केस हैं जिनका सोर्स पता नहीं चल पा रहा है।