दसवीं कक्षा में 61 फीसदी अंक आने पर भी 11 वीं कक्षा में दाखिला नहीं देने के मामले में हाईकोर्ट ने सेंट मेरी स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। अल्पसंख्यक समुदाय की छात्रा की याचिका पर न्यायमूर्ति अनू मल्होत्रा ने स्कूल और दिल्ली सरकार से 23 जुलाई तक जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता छात्रा शाहीन खान आर्थिक पिछड़ा वर्ग से है। छात्रा की ओर से उसके पिता ने यह याचिका अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के जरिए दायर की थी। पेश याचिका में कहा गया है कि छात्रा ने 2019 में दसवीं कक्षा 61 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी लेकिन स्कूल ने उसे 11वीं कक्षा में दाखिला नहीं दिया। जब उसके पिता ने स्कूल प्रधानाचार्य से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि वह सरकारी स्कूल में बेटी का दाखिला करवा दें।
अगर उसे सेंट मेरी में पढ़ाना है तो पूरी फीस भरनी होगी। छात्रा के पिता ने इसकी शिकायत दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग से भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विवश होकर उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि छात्रा को दाखिला न देना पूरी तरह मनमाना व नियमों के खिलाफ है। इस तरह स्कूल छात्रा को 11 वीं में दाखिला देने से मना नहीं कर सकता क्योंकि छात्रा पिछले 12 साल से वहीं पढ़ रही है।