देशभर की विधानसभाओं में कामकाज के नियमों में बदलाव की तैयारी है। विधानसभा सत्र बुलाने का नोटिस देने की अवधि 15 दिन से घटाकर तीन दिन करने, प्रश्न भेजने के लिए इंतजार की अवधि 15 दिन तय करने और आधुनिक तकनीक से विधायकों की सदन में मौजूदगी का पता लगाने जैसे प्रस्तावों पर विचार हो रहा है। साथ ही महिला और पुरुष, दोनों के लिए समानता पर आधारित संबोधन अपनाने का
ये होगी बदलाव की प्रक्रिया
समिति विभिन्न विधानसभाओं के सुझावों और बेहतर संसदीय परंपराओं का अध्ययन करेगी। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश से मिले सुझावों के बाद अब एक और बैठक होगी। इसके बाद समिति अपनी अंतिम सिफारिशें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपेगी। मॉडल नियमों का उद्देश्य विधायी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाना है।
लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष दोनों अहम: महाना
महाना ने कहा कि पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। नियमों में सुधार करते समय दोनों की जवाबदेही मजबूत करना जरूरी है। बैठक में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, महाराष्ट्र के राहुल नार्वेकर, कर्नाटक के जीएस पाटिल और हिमाचल प्रदेश के कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।