वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पीड़ित परिवार से पूछताछ की। शुक्रवार शाम मजिस्ट्रेटी रिपोर्ट भी दिल्ली सरकार को मिल गई है। इसमें बताया गया है कि पेट में संक्रमण होने से तीनों बच्चियों को उल्टी-दस्त हो रहे थे, लेकिन उन्हें ओआरएस घोल व मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं दिया गया। इससे उन्हें डिहाइड्रेशन हो गया था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि तीनों बच्चियां 24 जुलाई की सुबह एक साथ मृत पाई गईं। उनके पिता मंगल सिंह ने 23 जुलाई की रात कोई अज्ञात दवा गरम पानी में मिलाकर बच्चियों को दी थी। मंगल सिंह का अब तक पता नहीं चला है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों बच्चियों का पोषण स्तर सामान्य नहीं था। फिर भी, उन्हें नियमति तौर पर खाना मिलता था। वहीं, सबसे बड़ी बच्ची के बैंक खाते में 1805 रुपये जमा हैं। इन हालात में मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले का संदिग्ध बताया है।