नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के कई आदेशों के बावजूद निर्मल यमुना को लेकर सरकारी हलकों में कोई संजीदगी नहीं दिखाई दे रही। एनजीटी ने इसे महसूस कर संबंधित प्राधिकरणों को जमकर फटकार लगाई है।
वहीं दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि वे हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि आखिर रोक के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड ने योजनागत व्यय से सीवरेज और ड्रेनेज के लिए बड़े पैमाने पर कैसे पैसा खर्च किया।
एनजीटी ने बीते वर्ष यमुना मामले पर बोर्ड को बिना इजाजत लिए पैसा खर्च करने पर रोक दिया था। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।