शीतकालीन सत्र नहीं बुलाना केन्द्र सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। नए कृषि कानून बनाने के लिए कोरोना काल में संसद का सत्र बुलाया। अब क्या काले कानूनों को खत्म करने के लिए शीतकालीन सत्र नहीं बुला सकते है। ये कहना है अमृतसर, पंजाब के सांसद गुरजीत सिंह ओजला का।
सांसद गुरजीत सिंह ओजला, लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, खारूड से सांसद जसवीर सिंह डिम्पा और जीरा से कांग्रेस के विधायक कुलदीप सिंह जीरा के साथ जंतर-मंतर के सामने ससंद मार्ग टी पाइंट के पास टॉलस्टॉय मार्ग पर सात दिसंबर पर धरने पर बैठे हुए हैं।
पंजाब के इन सांसदों व विधायक का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि मंगलवार दोपहर को यहां सांसद गुरजीत सिंह ओजला व सांसद जसवीर सिंह डिम्मा ही धरने पर बैठे हुए थे। बाकी लोगों के बारे में बताया गया कि वह गुरुद्वारा मथा टेकने गए हैं।
मंगलवार को पंजाब से पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता करण बेदी, पंजाब पेंशनर वेलफेयर बोर्ड के चैमरमैन प्रिसीपल हरदीप सिंह, पंजाब सरकार से रिटायर उप सचिव सरदार तन्ना सिंह धरने पर बैठे सांसदों से मिलने पहुंचे। कांग्रेस के महासचिव तारिक अनवार भी धरने पर बैठे सांसदों से मिलने मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचे। वह यहां पर कुछ देर रहे।
सांसद गुरजीत सिंह ओजला ने कहा कि केन्द्र सरकार विपक्ष के मुद्दों का सामना नहीं कर पा रही है, इसलिए सत्र नहीं बुला रही है। कोरोना महामारी तो एक बहाना है। जब बिहार व हैदराबाद में चुनाव हुए तब भी कोराना था। सरकार अपना पीछा छुड़ा रही है। तीन महीनों से किसान धरने पर बैठे हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को किसान बनाकर बैठा रही है। ये धोखे का प्रतीक है। नकली किसान भाजपा के कार्यालय में बैठे हैं। पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता करण बेदी ने कहा कि किसान अपने हक ही लड़ाई लड़ रहे हैं। सांसदों का कहना था कि केन्द्र सरकार जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक वह टॉलस्टॉय मार्ग पर उनका धरना जारी रहेगा।
धरना स्थल पर पांच से ज्यादा लोगों को बैठने नहीं दे रही थी पुलिस
संसद मार्ग थानाध्यक्ष अजय स्टाफ के साथ धरना स्थल के सामने ही ड्यूटी दे रहे हैं। उनकी ड्यूटी धरनास्थल पर ही लगी हुई है। धरनास्थल पर अगर पांच से अधिक लोग होते हैं तो वह लोगों को दूर होने के लिए कह देते हैं।
धरने पर बैठे सांसदों से मिलने मंगलवार को कुछ महिलाएं भी मिलने आई थीं। वह सांसदों से मिलने के बाद चली थी। दिल्ली पुलिस के जवान पूछताछ करने के बाद ही लोगों को धरना स्थल की तरफ जाने दे रहे थे। जंतर-मंतर पर मंगलवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। जंतर-मंतर चौक के अंदर किसी को घुसने नहीं दिया जा रहा था।