भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत 17 दिसंबर को फिर यूपी गेट पर बड़ी पंचायत करेंगे। इस बार उनके साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई खापों के हजारों किसान होंगे। मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में 14 दिसंबर को खाप पंचायतों की हुई बैठक में 17 दिसंबर को यहां पंचायत करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले नरेश टिकैत ने तीन दिसंबर को यूपी गेट पर हजारों किसानों के साथ महापंचायत की थी।
खाप पंचायत के जरिए आंदोलन को मजबूत करने की तैयारी
मुजफ्फरनगर का सोरम गांव खाप पंचायतों का मुख्यालय है। भाकियू के मीडिया प्रभारी धमेंद्र मलिक ने मंगलवार को बताया कि किसानों के आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए 14 दिसंबर को खाप पंचायतों की बैठक सोरम में हुई थी। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब आठ खाप पंचायत के किसानों ने भाग लिया था।
बैठक में तय हुआ कि 17 दिसंबर को यूपी गेट कूच किया जाए ताकि आंदोलन को भरपूर बल मिल सके। उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी खाप पंचायत के किसान अपने अपने अध्यक्ष के नेतृत्व में यूपी गेट जाएंगे। नरेश टिकैत बालियान खाप का नेतृत्व करेंगे।
इसी तरह राठी, तोमर, अहलावत, लाठियान आदि खाप पंचायतों के किसान अपने-अपने अध्यक्षों के नेतृत्व में गांवों से यूपी गेट के लिए निकलेंगे। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर को खाप पंचायतों के हजारों किसान यूपी गेट पहुंचेंगे, फिर उसी दिन दोपहर बाद यूपी गेट पर बड़ी पंचायत होगी।
इन किसानों के आगमन को लेकर यूपी गेट पर 19 दिनों से जमे किसानों में काफी उत्साह है। किसानों का कहना है कि इस पंचायत से आंदोलन को काफी मजबूती मिलेगी। इनके रहने ठहरने की व्यवस्था के लिए तैयारियां की जा रही हैं। बता दें कि इससे पहले तीन दिसंबर को नरेश टिकैत आए थे तो उनके साथ हजारों किसान थे। उन्होंने यहां महापंचायत की थी। यूपी गेट पर वह दूसरी बार आएंगे।
आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों को भी रोकेंगे
मंगलवार को रामपुर में किसानों की कुछ ट्रॉलियों को स्थानीय पुलिस ने रोक दिया। यह खबर यूपी गेट पहुंची तो किसान नेताओं ने रामपुर की पुलिस से संपर्क साधा। फिर भी इसका हल न निकलने पर किसान गुस्से में आ गए। शाम करीब चार बजे किसानों ने एक्सप्रेसवे पर माइक से घोषणा की कि अब आपातकाल सेवा से जुड़े वाहन मसलन एंबुलेंस, पुलिस की गाड़ी आदि को भी नहीं जाने देंगे। अभी तक यह व्यवस्था है कि किसान एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन पर आपातकाल सेवा से जुड़े वाहनों को गुजरने देते हैं।