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नार्थ ईस्ट की मृतक नौकरानी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन

Wed, 15 Mar 2017 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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नार्थ ईस्ट की मृतक नौकरानी के लिए प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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डीएलएफ फेस पांच में नार्थ ईस्ट की रहने वाली नौकरानी की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में अलग-अलग संगठन के लोगों ने एक बैनर के तले मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
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जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के लिए एसीपी हरेन्द्र के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। इस प्रदर्शन में सभी समुदायों के घरेलू कामगार और अन्य संगठनों, घरेलू कामगार यूनियन (जी.के.यू), नार्थ-ईस्ट फोरम फॉर इंटरनेशनल सॉलिडेरिटी (नेफिस) और आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (आबसू) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

ज्ञात हो पिछले दिनों रंजीता ब्रह्मा की मृत्यु के जिम्मेदार लोगों को सुशांत लोक थाने के पुलिसकर्मियों ने बचाने की कोशिश की थी। घरेलू कामगारों और संघर्षशील महिला केंद्र (सी.एस.डब्ल्यू) के विरोध प्रदर्शन के कारण पुलिस को एफ.आई.आर दायर करने को मजबूर होना पड़ा था।
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दंपत्ति द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था

नार्थ ईस्ट की मृतक नौकरानी के लिए प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
​इसके अतिरिक्त, घरेलू कामगारों के दबाव में पुलिस को एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन  टीम (एस.आई.टी) भी नियुक्त करनी पड़ी थी। कामगारों के तिनिधिमंडल ने डीसीपी (पुलिस मुख्यालय) से मुलाक़ात कर जवाब मांगा कि क्यों अभी तक रंजीता की मौत के दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामले की हत्या के नजरिए से क्यों तहकीकात नहीं की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल की एस.आई.टी प्रमुख, एसीपी हरिंदर कुमार के साथ बात-चीत जारी थी। 

गौरतलब है कि  मृतक असम निवासी रंजीता ब्रह्मा, एक दम्पति, रोहित और सोनल मेहता के घर घरेलू कामगार के तौर पर कार्यरत थीं। उन्हें दंपत्ति द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

दम्पति ने उन्हें नौकरी नहीं छोडने के लिए मजबूर करने के लिए जबरदस्ती कैद किया हुआ था। इस तरह का दबाव बनाने के बाद संधिग्ध रूप से उनकी मृत्यु पिछले शुक्रवार को हो गई। 
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