दाखिले के 100 अंक के मानकों में कई स्कूलों ने दूरी, भाई-बहन, पूर्व छात्र, एकल कन्या, पहला बच्चा, अभिभावकों का योगदान केसाथ-साथ स्टाफ को भी अंक दिए हैं।
दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले के लिए सामान्य की 75 फीसदी सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। कुछ स्कूलों ने दाखिला मानकोंं में स्टाफ को शामिल कर पांच से लेकर पचास तक अंक निर्धारित किए हैं। स्कूलों ने स्टाफ मानक के अंकों को मैनेजमेंट कोटे का हिस्सा नहीं बनाया है। इस कारण से सामान्य की पांच फीसदी सीटें कम हो रही हैं। ऐसे में इन सीटों पर दाखिले के इच्छुक अभिभावक उलझन में हैं कि उनके बच्चेे का दाखिला हो सकेगा या नहीं।
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दाखिले के 100 अंक के मानकों में कई स्कूलों ने दूरी, भाई-बहन, पूर्व छात्र, एकल कन्या, पहला बच्चा, अभिभावकों का योगदान के साथ-साथ स्टाफ को भी अंक दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि स्टाफ की सीटोंं को ओपन सीटों (सामान्य) में शामिल कर दिया जाएगा तो उनके बच्चोंं के दाखिलेे के अवसर कम हो जाएंगे। वहीं, हर बार की तरह 20 फीसदी मैनेजमेंट कोटा भी शामिल हैं। स्कूलों ने स्टाफ की सीटों को मैनेजमेंट की सीटों में शामिल नहीं किया है बल्कि उसे अलग से शामिल किया है। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि स्टाफ मैनेजमेंट का ही हिस्सा है। कुछ स्कूलों ने इस बार भी अलग से स्टाफ के लिए सीटें रखी हैं।
इन स्कूलों ने स्टाफ मानक के लिए दिए अंक
सेंंट जोंस कॉन्वेंट स्कूल ने स्टाफ के बच्चों के लिए 10 अंक, लिटिल स्टार कॉन्वेंट स्कूल ने 10, बाल भारती ने पांच, विकास भारती पब्लिक स्कूल ने 10, हेरिटेज स्कूल ने स्टाफ को 50, द इंडियन हाइट स्कूल ने स्टाफ के लिए 5 अंक, वंसत वैली स्कूल ने स्टाफ के बच्चों के लिए 10 अंक तय किए हैं।