दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में कोविड मरीजों के लिए 15,794 बिस्तरों की व्यवस्था है। इसमें से 6949 ही भरे हैं। यानी, 8845 बिस्तर खाली हैं। दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल लोकनायक की स्थिति पर गौर करें तो यहां कोविड मरीजों के लिए दो हजार बिस्तरों की व्यवस्था है, जिसमें से बुधवार तक 1368 खाली थे।
पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में 1304, एम्स के झज्जर कैंपस में 1180, राजीव गांधी में 280, हिंदूराव में 313 और बुराड़ी अस्पताल में 236 बिस्तर खाली हैं। इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए बिस्तर काफी संख्या में हैं, लेकिन नॉन कोविड मरीजों को निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने में दिक्कतें आ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि कोविड केयर सेंटर में 4468 और कोविड स्वास्थ्य केंद्र में 216 बिस्तर खाली हैं। इन बिस्तरों का इस्तेमाल भी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए किया जाना है। इस समय हर दिन तीन हजार से ज्यादा संक्रमित मिल हैं। इनमें से तीन या चार फीसदी को ही गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेशन में ही रहने की सलाह दी जा रही है।
486 वेंटिलेटर खाली
दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी में संक्रमित मरीजों के लिए अलग-अलग अस्पतालों में 1294 वेंटिलेटर बिस्तरों की व्यवस्था की जा चुकी है। फिलहाल इनमें से 808 बिस्तर भरे हुए हैं और 486 बेड खाली हैं। कुछ प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं, जहां वेंटिलेटर सभी भरे हुए हैं।