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Alert : तंबाकू-शराब सेवन के साथ मानसिक विकार बढ़ा रहा गैर-संचारी रोग, AIIMS-ICMR के शोध में खुलासा

Mon, 02 Jun 2025 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली

सार

इसका खुलासा एम्स के एक अध्ययन में हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ने के कारण मरीजों में रुग्णता और मृत्यु दर में वृद्धि दर्ज की गई है। 
 
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demo - फोटो : freepik
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विस्तार
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लोगों में बढ़ रहे अवसाद के साथ तंबाकू-शराब सेवन, मानसिक विकार के साथ गैर-संचारी रोगों को बढ़ा सकता है। इसका खुलासा एम्स के एक अध्ययन में हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ने के कारण मरीजों में रुग्णता और मृत्यु दर में वृद्धि दर्ज की गई है। 

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यह देखा गया है कि मरीजों की खराब मानसिक स्थिति के साथ यदि एनसीडी का विकार होता है तो शराब और तंबाकू का सेवन करने से उसका इलाज प्रभावित होता है। इलाज की गति धीमी होती है और मरीज के ठीक होने की संभावना कम हो जाती है। ऐसे मरीजों में मृत्यु दर अधिक पाई गई है। 

इसी समस्या को जानने के लिए एम्स दिल्ली और भुवनेश्वर ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अध्ययन किया। पाया गया कि मानसिक स्थिति और तंबाकू-शराब के उपयोग का गैर-संचारी रोग (एनसीडी) से सीधे संबंध है। अवसाद की स्थिति, तंबाकू-शराब का सेवन एनसीडी को गंभीर बनता है। 
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लंबे समय तक चलते  हैं एनसीडी 
गैर संचारी रोग आमतौर पर दीर्घकालिक होते हैं। यह आनुवंशिक, शारीरिक, पर्यावरणीय और व्यवहारगत कारकों के संयोजन के कारण हो सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसके बढ़ने से मरीजों में मृत्युदर बढ़ी हैं। 

इन रोगों में दिल का दौरा, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, कैंसर, लंबे समय तक सांस से जुड़े रोग, अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), मधुमेह सहित अन्य रोग हैं। लोगों के बीच ऐसे रोगों की समस्या बढ़ी हैं। यदि इन रोगों की समय पर पहचान कर इलाज करते हैं तो समस्याओं को रोका जा सकता है। 

दिखी यह समस्याएं 
ग्रामीण क्षेत्र में किए गए अध्ययन के दौरान संसाधन अंतराल की कमी के अलावा दूसरी परेशानी सामने आईं। शोध के दौरान केंद्रित समूह चर्चाओं के साथ एमओएस, सीएचओएस, आशा, एएनएम और समेकित कार्यान्वयन अनुसंधान ढांचे (सीएफआईआर) में रोगियों के साथ गहन साक्षात्कार किया गया। 
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