-बुधवार को नामांकन की अंतिम सूची होगी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव 2025-26 को लेकर सोमवार यानी आज से नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव समिति के अनुसार इच्छुक उम्मीदवार सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक नामांकन कर सकेंगे। मंगलवार को वैध नामांकन की सूची प्रदर्शित की जाएगी। 29 अक्तूबर सुबह दस बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे। नामांकन करने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची उसी दिन दोपहर दो बजे जारी होगी। उसके बाद 30 अक्तूबर से स्कूल जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) और एक नवंबर को यूनिवर्सिटी जीबीएम का आयोजन होगा। जेएनयू में छात्र संघ चुनाव को लेकर दो नवंबर को प्रेसिंडेशियल डिबेट होगी। चार नवंबर को दो पाली में सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक और दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक चुनाव का आयोजन होगा। चुनाव को लेकर मतगणना उसी दिन रात नौ बजे से शुरू होगी और अंतिम परिणाम छह नवंबर को घोषित किया जाएगा।
संगठन आज नाम करेंगे घोषित
इस बार चुनावी मैदान में वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) सहित कई दूसरे संगठन साथ मिलकर चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। सोमवार को उम्मीदवारों के नाम की घोषणा संगठनों की ओर से की जाएगी।
बात बिगड़ेगी तो महासचिव के पद पर लड़ेंगे
एआईएसएफ जेएनयू इकाई के उपाध्यक्ष और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व संयुक्त सचिव मोहम्मद साजिद ने बताया कि एबीवीपी को हराने के लिए सभी वामपंथी संगठन एक साथ है। अगर एआईएसएफ की अंतिम चरण में बात विफल होती है तो एआईएसएफ प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन के साथ मिलकर सेंट्रल पैनल में महासचिव के पद पर अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगा।
अकेले चुनाव लड़ेगी बापसा
वहीं बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) जेएनयू इकाई के पूर्व अध्यक्ष और कोर कमेटी सदस्य प्रमोद सागर ने कहा कि अब तक बापसा की अकेले छात्र संघ चुनाव लड़ने की तैयारी है। नामांकन दाखिल करने के बाद अगर छात्र हित में गठबंधन की परिस्थितियां बनेंगी तो विचार किया जाएगा। पिछले वर्ष 2024 के छात्र संघ चुनाव में बापसा की प्रियांशी आर्या ने सेंट्रल पैनल में महासचिव के पद जीत दर्ज की थी। इससे पहले के चुनाव में भी बापसा की स्थिति अच्छी रही है।