अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतों के पंजीकरण के लिए शुरू ऑनलाइन पोर्टल https://grms.pspcl.in पर आईं शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
पिछले दिनों पीएसपीसीएल ने पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) के सहयोग से पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए इस पोर्टल को शुरू किया था। इसकी शुरुआत के बाद पंजाब भर में उपभोक्ताओं द्वारा कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। हर मामले की स्वतंत्र रूप से तीन सदस्यीय जोनल कमेटी द्वारा जांच की जाती है।
प्रवक्ता ने बताया कि 18 जुलाई को संगरूर के भलवान सब-डिवीजन (धूरी डिवीजन) से एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें एक स्मार्ट मीटर को पारंपरिक मीटर से बदलने के बदले पांच हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया गया था। जांच से पता चला कि आरोपी मीटर रीडर एक आउटसोर्स कर्मचारी था। मामला एफआईआर के लिए डीसीपी नाभा को भेजा गया है।
24 अगस्त को लुधियाना के फोकल प्वाइंट से एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि एक आउटसोर्स मीटर रीडर ने सरकार की मुफ्त-बिजली योजना के तहत पात्रता पूरी करने के लिए अतिरिक्त यूनिटों को एडजस्ट करके बिल में हेराफेरी करने के लिए एक हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। जांच में आरोप सही पाया गया और 16 सितंबर को मीटर रीडर को नौकरी से निकाल दिया गया।
लुधियाना जिले से 7 अगस्त को कनेक्शन की स्वीकृति के बावजूद मीटर न लगाने संबंधी एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह आरोप लगाया गया था कि जूनियर इंजीनियर ने सिस्टम रद्द होने का हवाला देते हुए फाइल को दोबारा खोलने के लिए अतिरिक्त पैसे देने की मांग की। 26 सितंबर को अधिकारी को लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 17 अगस्त को लुधियाना से एक अन्य शिकायत दर्ज की गई। इसमें आरोप लगाया गया था कि मीटर लगाने के लिए अवैध भुगतान की मांग की गई थी। 29 सितंबर को संबंधित जूनियर इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।