पुन्हाना। मंगलवार को शहर के प्राचीन तालाब में डूब जाने से एक युवक की मौत हो गई। देर रात तक फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने शव को निकालने का प्रयास किया लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। बुधवार को तालाब में युवक का मृत शरीर पानी के ऊपर आ गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार मां काली मंदिर परिसर के निकट रहने वाला 18 वर्षीय युवक मंगलवार को शाम तकरीबन साढ़े चार बजे पैर फिसलने के कारण प्राचीन तालाब में गिर गया। जैसे ही सूचना मिली, लोगों नेे उसे ढूंढने का प्रयास किया। घटना की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने लगभग छह घंटे तक युवक की तालाब में तलाश की लेकिन सभी प्रयास असफल रहे।
बुधवार सवेरे करीब आठ बजे वहां उपस्थित लोगों को युवक का शव दिखाई दिया। स्थानीय युवकों ने शव को बहार निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मांड़ीखेड़ा स्थित अल-आफिया अस्पताल में कराकर परिजनों को सौंप दिया। जांच अधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि जोहड़ में गिरने से युवक की मौत हुई है। परिजनों को शव सौंपकर कार्यवाही शुरू कर दी है।
पुलिस प्रशासन का रहा ढीला रवैया
युवक के जोहड़ में गिर जाने के बाद पुलिस व स्थानीय प्रशासन का रवैया ढीला-ढाला रहा। युवक को ढूंढने और बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई भी पहल नहीं की गई। हालांकि पुलिस की तरफ से स्थानीय चौकी प्रभारी मौके पर मुस्तैद रहे। उनके द्वारा युवक को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। केवल हाथ पर हाथ रखकर युवक के शव को अपने आप बाहर आने का इंतजार करते दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रशासन के सारे इंतजाम फेल दिखाई दिए। गुरुग्राम, दिल्ली व फरीदाबाद जैसे शहरों में इतनी बड़ी घटना के लिए प्रशासन गोताखोर, तैराकों इत्यादि का इंतजाम कर देते। लेकिन यहां प्रशासन का सुस्त रवैया एक युवक की जान बचाने में नाकाम रहा।
जोहड़ को खाली कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन व सरकार से जोहड़ को खाली कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस जोहड़ में पहले भी कई लोग गिर चुके हैं। सरकार और प्रशासन को इसे तुरंत प्रभाव से खाली कराना चाहिए, ताकि कोई ओर इसमें न गिर सके।
फोटो: युवक को जोहड़ से बाहर निकालने में जुटे स्थानीय लोग