नूंह। रमजान में रोजेदारों की मुख्य पसंद तरबूज होता है। लोगों के अनुसार बार-बार पानी पीकर प्यास बुझाने से छुटकारा दिलाने के लिए तरबूज फल की मांग बढ़ जाती है। रोजेदार इफ्तारी के समय तरावट के लिए तरबूज का सेवन कर रहे हैं। इससे यहां के बाजारों में तरबूज की मांग बढ़ गई है। बढ़ी मांग के बाद भी फल विक्रेताओं की बड़ी संख्या के कारण दाम भी आसमान छूने लगे हैं।
तरबूज विक्रेता वसीम, रमजान, तौफीक ने बताया कि मात्र 25 रुपये प्रति किलो रेट पर अच्छा रसीला तरबूज उपलब्ध करवा रहे हैं। एक धड़ी इकट्ठा लेने पर सौ रुपये में मिल रहा है। रमजान के कारण स्थानीय बाजारों में तरबूज की मांग बढ़ने के कारण आवक भी बढ़ गई है। पट्टीदार नस्ल के अलावा परंपरागत हरे रंग वाला तरबूज भी उपलब्ध है। फिलहाल इसके दाम गरीब अमीर सबकी पहुंच में हैं।
उन्होंने बताया कि रोजेदार इफ्तारी में तरबूज की शीतलता व स्वाद का आनंद ले रहे हैं। वहीं नूंह सीरएचसी के डॉ विनीत ने बताया कि तरबूज गर्मी का उत्तम फल है, लेकिन बाजारों में रेहड़ी पर काटकर रखे तरबूज से बचना चाहिए। घर पर भी खाने से पहले इसे पर्याप्त समय तक पानी में या फ्रिज में रखने के बाद ही खाना चाहिए। इसे खाने के बाद प्यास शांत हो जाती है। तरबूज खाने के तुरंत बाद पानी ना पीएं। लाल व मीठा तरबूज रक्त के लिए फायदेमंद रहता है।