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इलाज नहीं मिल पाने से युवक की मौत

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नूंह। समय पर इलाज नहीं मिल पाने से हथीन निवासी विश्वनाथ (25) की मौत हो गई। उनके परिजन ओम करण व मंगल सिंह ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर लापरवाही और रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि मरीज को समय पर इलाज मिलता तो उनकी जान को बच सकती थी।
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परिजनों ने बताया कि कोरोना से पीड़ित मरीज की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने एक परिचित के माध्यम से मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में डॉक्टरों से बात की थी। इसके बाद एंबुलेंस में मरीज को लेकर आए और डॉक्टरों से भर्ती करने की गुहार लगाई। आरोप है कि 4 बेड खाली होने के बाद भी मरीज को भर्ती नहीं किया। जबकि उनके बाद आए अन्य मरीज को डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती कर लिया। शाम 4:30 बजे उनकी एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म होने लगी। इस बारे में डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन नहीं है। यदि वे ऑक्सीजन का बंदोबस्त कर दें तो उनके मरीज को भर्ती कर लेंगे। इसके बाद उन्होंने नूंह निवासी परिचित के माध्यम से डॉक्टरों से बात की। आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती करने के लिए ढाई से तीन लाख रुपये की मांग की। बाद में एक लाख रुपये में भर्ती करने पर सहमत हो गए। परिजन मरीज को लेकर आए लेकिन तब तक ऑक्सीजन स्तर कम होने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उपायुक्त से मामले में कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि कई नेता, अफसरों से बात कराने पर भी डॉक्टर मरीज को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हुए थे। मेडिकल कॉलेज की निदेशक डॉ. संगीता का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर की पोस्ट
इस मामले को नूंह के जिला पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। प्रवक्ता ने बताया कि उनके परिचित को 5 घंटे तक अस्पताल में भटकने के बाद भी बेड नहीं मिला। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पैसों का खुला खेल चलने का आरोप लगाया। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा और पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारणियां ने बताया कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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