तावडू। उपमंडल में ब्लैक फंगस से पहली मौत होने का मामला सामने आया है। गांव धुलावट निवासी 35 वर्षीय तैय्यब का उपचार नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। शनिवार को उसकी मौत हो गई।
परिजन कय्यूम, रहमत, अमीन ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले तैय्यब कोरोना से संक्रमित हो गया था। घर पर ही तैय्यब का उपचार चल रहा था। एक जून को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। हालांकि, कोविड रिपोर्ट निगेटिव बताई गई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 2 हफ्ते उपचार के दौरान एक ऑपरेशन भी किया गया था। परिजनों के मुताबिक, तैय्यब के शरीर में संक्रमण तेजी से फैल चुका था। हालांकि, चिकित्सकों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन, कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार रात को उसकी मौत हो गई। तैय्यब का शव रविवार को गांव में ही दफना दिया गया। वहीं, गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। एक जून को तावडू उपमंडल के गांव धुलावट से दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद क्षेत्र में ब्लैक फंगस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, इसी गांव की निवासी 60 वर्षीय महिला भी ब्लैक फंगस से पीड़ित है। इनका उपचार नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस सेंटर की निगरानी कर रहे चिकित्सक डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि यहां पर अब तक 40 ब्लैक फंगस मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है।