पुन्हाना। फरीदाबाद पुलिस की हिरासत में कथित तौर पर मारपीट के कारण गांव जमालगढ़ के जुनैद की मौत मामले में रविवार को बिछौर थाना पुलिस ने फरीदाबाद साइबर थाना प्रभारी सहित 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
डीएसपी शमशेर सिंह के मुताबिक जमालगढ़ निवासी खदीजा ने रिपोर्ट में बताया कि उसके बेटे जुनैद (21) और इरशाद 31 मई की शाम कार में राजस्थान से आ रहे थे। उनके साथ नई गांव के चार लड़के भी थे। जब वे सुनहेड़ा बॉर्डर पर पहुंचे तो फरीदाबाद साइबर थाने की पुलिस ने उन्हें पकड़कर ले गई। आरोप है कि एक जून को साइबर थाने में तैनात एसआई राजेश ने जुनैद और इरशाद को 70 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने से पहले कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए थे। खदीजा का कहना है कि जब वे इरशाद और जुनैद को घर लाए तो जुनैद के शरीर पर काफी चोटें थीं। आरोप है कि साइबर थाना प्रभारी बसंत सहित 12 पुलिसकर्मियों ने जुनैद को बुरी तरह पीटा। तभी से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। उसकी हालात ज्यादा खराब होने लगी तो पुन्हाना के एसडीएम के आदेश पर जुनैद का मेडिकल कराया गया था। शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई। डीएसपी ने बताया कि अवैध रूप से हिरासत में रखने और हत्या के आरोप में फरीदाबाद साइबर थाना प्रभारी बसंत, सब इंस्पेक्टर राजेश, सब इंस्पेक्टर सुरजीत, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर नरेंद्र, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर जावेद, हेडकांस्टेबल दलबीर, हेडकांस्टेबल नरेश सहित 4/5 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इस मामले में शनिवार को आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भारी बवाल किया था।