गाजियाबाद। मोदीनगर क्षेत्र में गंगनहर पटरी पर सूटकेस में मिले छह वर्षीय बच्चे के शव की शिनाख्त पुलिस एक माह बाद भी नहीं कर पाई है। मेरठ की महिला ने शव को अपने पौत्र के होने की आशंका जताई थी। अब मुजफ्फरनगर के युवक ने बच्चे के शव को अपना बेटा बताकर डीसीपी ग्रामीण और वेव सिटी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। युवक का कहना है कि मार्च माह से उसकी पत्नी और पांच वर्षीय बेटा लापता हैं। ससुरालियों पर पत्नी और उनके बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। आशंका जताई है कि गंगनहर किनारे सूटकेस में मिले बच्चे का शव उनके बेटे शिवांश का है।
जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम अटाली थाना तितावी निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में उनकी शादी वेव सिटी थाना क्षेत्र की महिला से हुई थी। दोनों से एक बेटा है जिसका नाम शिवांश है। बताया कि मार्च 2021 को दंपती में मनमुटाव होने के चलते पत्नी बेटे को लेकर अपने मायके चली गई थी। पत्नी ने उसके खिलाफ वेव सिटी में दहेज का मुकदमा दर्ज कराया है जो कोर्ट में विचाराधीन है। बताया कि मार्च माह में वह गाजियाबाद कचहरी में तारीख पर आया था। जहां ससुरालियों ने बताया कि रविंद्र की पत्नी अपने बच्चे को लेकर कहीं चली गई है। पीड़ित ने अन्य रिश्तेदारों से खोजबीन कराई तो पत्नी और बच्चा दोनों ससुराल से लापता हैं। पीड़ित ने ससुरालियों को फोन कर पत्नी और बच्चे के बारे में जानकारी चाही। आरोप है कि ससुरालियों ने रविंद्र और उसकी पत्नी व बच्चे की हत्या की धमकी दी थी। पत्नी का मोबाइल भी बंद है। पीड़ित रविंद्र ने डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी को शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ित ने बताया कि 16 दिसंबर को निवाड़ी थाना क्षेत्र की गंगनहर पटरी पर मिले पांच-छह वर्ष के बच्चे का सूटकेस में शव मिला है। पीड़ित ने सूटकेस में मिले बच्चे का शव अपने बेटे शिवांश का होने की आशंका जताई है।
फोटो से शिनाख्त से इन्कार, डीएनए टेस्ट कराने की मांग
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता से बच्चे का कोई भी पुराना फोटो दिखाने की बात कही। जिसे वह नहीं दिखा पाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब तीन वर्षों से उसने अपने बेटे को नहीं देखा है। तारीख पर भी ससुराल वाले और पत्नी बच्चे को लेकर नहीं आते थे ऐसे में वह बच्चे की फोटो से शिनाख्त नहीं कर पाएगा। बताया कि शिकायतकर्ता का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।