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फोनरवा चुनाव: फोनरवा चुनाव में योगेंद्र शर्मा के पूरे पैनल को मिली जीत

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योगेन्द्र शर्मा पैनल की जीत के बाद खुशी मनाते विजेता उम्मीदवार।
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नोएडा। सेक्टरों की सरकार माने जाने वाले फोनरवा चुनाव में लगातार दूसरी बार भी योगेंद्र शर्मा ने जीत दर्ज कराई है। उन्हें कुल 140 वोट मिले। प्रतिद्वंद्वी एनपी सिंह को उन्होंने 64 वोट से हराया। एनपी सिंह को 76 वोट ही मिल सके। खास बात यह है कि इस बार फोनरवा के सभी पदाधिकारी योगेंद्र शर्मा के पैनल से ही जीते हैं।
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चुनाव के लिए करीब एक माह से गरमा गरमी का माहौल था। योगेंद्र शर्मा व एनपी सिंह पैनल ने पर्चा दाखिल किया था। रविवार को बारिश होने के बावजूद मतदान प्रक्रिया सुबह साढे़ 9 बजे से शुरू हुई। चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए पुलिस बल भी तैनात था। सेक्टर-52 के सामुदायिक भवन में मतदान केंद्र बनाया गया था। कोविड नियमों का पालन करने के लिए यहां चार बूथ बनाए गए थे। कुल 220 मतदाताओं को मतदान करना था, लेकिन मतदान प्रक्रिया में चार मतदाता नहीं पहुंचे। इनमें से एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि तीन शहर से बाहर थे। ऐसे में कुल 216 मतदाताओं ने ही मतदान किया।
दोपहर बाद चुनाव अधिकारी रिटायर्ड कर्नल शशि वैद्य के नेतृत्व में बैलेट पेपर की गिनती का काम शुरू हुआ। देर शाम योगेंद्र शर्मा का पूरा पैनल विजयी घोषित कर दिया गया। महासचिव पद के उम्मीदवार केके जैन को 113 वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी सुखदेव शर्मा ने जबरदस्त टक्कर देते हुए 102 वोट हासिल किए।
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विजेता
पद नाम वोट
अध्यक्ष - योगेंद्र शर्मा 140
महासचिव - केके जैन 113
कोषाध्यक्ष - अशोक कुमार मिश्रा 122
वरिष्ठ उपाध्यक्ष - जेपी उप्पल 134
ओपी यादव 131
राजीव गर्ग 133
विजय भाटी 104
उपाध्यक्ष- अशोक त्यागी 117
देवेंद्र सिंह चौहान 117
पंकज यादव 139
योगेश शर्मा 123
सचिव लीगल- उमाशंकर शर्मा 128
सचिव- अनिल चौहान 128
देवेंद्र सिंह 123
प्रदीप वोहरा 141
राजीव चौधरी 124
संयुक्त सचिव- अंजना भागी 130
अशोक कुमार शर्मा 122
जयपाल सिंह 115
सुशील यादव 137
संयुक्त कोषाध्यक्ष- प्रदीप मिश्रा 128
‘शहर के विकास पर रहेगा ध्यान’
नवनियुक्त अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने जीत के तत्काल बाद ही सभी मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि शहर के विकास पर उनका पूरा ध्यान रहेगा। नोएडा में सबसे ज्यादा परेशानी लोगों की जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण है। इसमें मुख्य रूप से बिजली, पानी और परिवहन व्यवस्था है। इसके लिए प्राधिकरण अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाया जाएगा। लोगों की समस्याओं को जल्द ही दूर किया जाएगा।
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