यमुना सिटी में अवैध काॅलोनियों पर सख्ती करेगा यीडा
सीईओ के आदेश पर ऐसी अवैध काॅलोनियों को चिह्नित करने का काम शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। टप्पल और जेवर के आसपास किसानों की जमीन को अपना बता अवैध रूप से काॅलोनियां विकसित करने का खेल चालू है। यमुना सिटी क्षेत्र में ऐसी अवैध कॉलोनियाें को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यीडा सीईओ ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि अवैध कॉलोनी विकसित होती मिलने पर तुरंत कब्जा हटवाएं और निर्माण तोड़ें। यीडा अधिकारियों का कहना है कि यमुना सिटी के अधिसूचित क्षेत्र में लगातार इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं कि अवैध रूप से खुद की जमीन बता कथित बिल्डर भूखंड बेच रहे हैं। ऐसी काॅलोनियों का पता चलने पर वहां हुए निर्माण तोड़ने की कार्रवाई भी प्राधिकरण द्वारा कराई जाती है। अब अभियान चलाकर ऐसी काॅलोनियों को चिह्नित कर कब्जे हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। खासतौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में यह कार्रवाई होनी है। वहीं राया अर्बन सेंटर, हेरीटेज सिटी, अलीगढ़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में भी प्राथमिकता रहेगी। सीईओ ने अधिकारियों से कहा है कि यह उचित नहीं है कि अवैध रूप से काॅलोनियां औद्योगिक विकास के लिए अधिसूचित जमीनों पर बसाई जा रही हैं। यह आने वाले समय में औद्योगिक विकास को प्रभावित कर सकता है। इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी सीईओ ने ओएसडी शैलेंद्र सिंह को सौंपी है।
छह जिलों में प्रस्तावित यमुना सिटी का विकास
यीडा को छह जिलों में करीब 1149 गांवों की 2.5 लाख हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक परियोजनाओं का विकास करना है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा शामिल हैं। प्राधिकरण इसमें से 20,000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर चुका है। बाकी जमीनों की अधिग्रहण प्रक्रिया चालू है। इसी का फायदा कम समय में बेहतर रिटर्न का लुभावना ऑफर देकर निवेशकों के साथ फ्रॉड करने के लिए कथित बिल्डर उठा रहे हैं।