विदेशी निवेशकों के लिए 500 एकड़ में जापानी और सिंगापुर सिटी बसाएगा यीडा
प्राधिकरण ने शासन को भेजा अनुमोदन के लिए प्रस्ताव, बहुउद्देश्यीय औद्योगिक क्षेत्र के रूप में होगा विकास
सेक्टर-5ए में जापानी सिटी और सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव बना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण-यीडा ने शासन को विदेशी निवेशकों की सहूलियत के लिए जापानी सिटी और सिंगापुर सिटी बसाए जाने का प्रस्ताव भेजा है। बहुउद्देश्यीय औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकास के लिए भेजे गए इस प्रस्ताव में दोनाें के लिए अलग-अलग 500-500 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।
यहां औद्योगिक जरूरतों के अलावा आवासीय आवश्यकताओं को भी नियोजन में शामिल किया गया है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि पिछले दिनों राजस्थान सरकार द्वारा नीमराणा में विकसित जापानी सिटी के ढांचे और विकास को भी हमारे प्रतिनिधिमंडल ने जाकर देखा था। इसके बाद अब यमुना सिटी में निवेशकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जापानी सिटी और सिंगापुर सिटी का विकास कराया जाएगा। इस विकास के लिए जरूरी जमीन की खरीद भी शुरू करने की तैयारी प्राधिकरण पूरी कर चुका है। शासन के प्रस्ताव को अनुमोदन के साथ ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि जापानी सिटी का विकास एयरपोर्ट के नजदीक सेक्टर-5ए और सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में जमीन चिन्हह्त की गई है। शासन को भेजे गए पत्र में जानकारी दी गई है कि इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित है। इसके साथ ही आवासीय उपयोग अधिकतम 12 प्रतिशत, वाणिज्यिक उपयोग अधिकतम 13 प्रतिशत तथा संस्थागत सुविधाएं न्यूनतम 5 प्रतिशत तक तय किया गया है। इन दोनों सेक्टरों का विकास ईपीसी मोड पर किए जाने का प्रस्ताव है।
कोरियन सिटी की योजना पर भी काम शुरू
प्राधिकरण पूर्व से जापानी सिटी के अलावा कोरियन सिटी पर भी काम कर रहा है। सेक्टर-4ए में इसके लिए यमुना प्राधिकरण में प्रस्ताव बना हुआ है। कोरियन कंपनियों के निवेशकों से जरूरी बातचीत और सहमति के बाद ही हालांकि प्राधिकरण इस दिशा में आगे बढ़ेगा। पिछले दिनों जापान और सिंगापुर के निवेशकों से अलग-अलग वार्ता प्राधिकरण के अधिकारियों की हो चुकी हैं। ऐसे में जापानी सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास में तेजी आई है।