वृंदावन। दिवाली के पर्व पर मनाई जाने वाली मशहूर दामबंध लीला का आयोजन किया गया। दूर-दूर से आए श्रद्धालु दामबंध लीला को देख भावविभोर हो गए। लीला के समापन के बाद प्रसादी का वितरण किया गया।
ठाकुर श्रीराधा दामोदर मंदिर परिसर में दामबंध लीला में यशोदा मैया के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को ओखल से बांधा गया था। हर वर्ष दिवाली के पावन पर्व पर सेवायतों के द्वारा उसी लीला का आयोजन किया जाता है। जिसमें ठाकुर राधा दामोदर को ओखल से बांधा जाता है और यशोदा मैया रस्सी पकड़े हुए नजर आती हैं। लीला के मंचन के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर की चार परिक्रमा भी लगाईं।
मंदिर के सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी और आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी ने बताया कि दाम का अर्थ पेट और उदर का अर्थ रस्सी होता है। तभी ही भगवान श्रीकृष्ण का नाम दामोदर पड़ा था। मान्यता है कि कार्तिक मास को दामोदर मास भी कहा जाता है। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के दिन मंदिर परिसर में अन्नकूट महोत्सव मनाया जाता है। मंदिर परिसर में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा दी गई गिरिराज शिला मौजूद है। इसी कारण से यहां गाय के गोबर से गोवर्धन नहीं बनाए जाते हैं, बल्कि चावल से विशाल गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है। संवाद