आज होगा यमुना कॉन्क्लेव, जल वैज्ञानिक देंगे यमुना शुद्धिकरण पर सुझाव
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501 महिलाओं की कलश यात्रा से गूंजा घाट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
वासुदेव घाट पर रविवार को जल यज्ञ के साथ यमुनोत्सव-2025 का शुभारंभ हुआ। पूरे शहर से आई 501 महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर यमुना मैया के जयघोष से घाट का वातावरण भक्तिमय बना दिया। यमुना संसद और दिल्ली सरकार की पहल पर शुरू हुए इस उत्सव में श्रद्धा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक राजकुमार भाटिया, यमुना संसद के संयोजक रविशंकर तिवारी और यमुना पुत्र रंजीत पाठक (चतुर्वेदी) की उपस्थिति में हुआ। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और यमुना प्रेमी वासुदेव घाट पर एकत्र हुए। कलश यात्रा के बाद यमुनोत्री से लाए गए जल से जल यज्ञ की शुरुआत हुई। यज्ञ का संचालन यमुनोत्री और वृंदावन के पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया। इस अवसर पर सृष्टि सूक्त, जल सूक्त, औषधि सूक्त सहित विभिन्न वैदिक सूक्तों का पाठ हुआ। साथ ही, यमुना सहस्त्रार्चन, यमुनाष्टकम पाठ और पुष्पांजलि के साथ यमुना का जलाभिषेक किया गया।
जल यज्ञ के बाद ब्रजवासी मंडल ने यमुना की व्यथा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं जिन्हें देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया। दोपहर बाद प्रसिद्ध कथावाचक अजय भाई ने यमुना कथा का वाचन किया। उन्होंने यमुना की महिमा और यमुनोत्री से दिल्ली और मथुरा तक के उनके आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यमुना दिल्ली की लाइफ लाइन है। इसकी अविरलता और निर्मलता हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कथा का समापन परमार्थ निकेतन व ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती की गरिमामयी उपस्थिति में भव्य यमुना आरती से हुआ। यमुना संसद के संयोजक रविशंकर तिवारी ने बताया कि सोमवार को यमुना कॉन्क्लेव होगा जिसमें देशभर के जल वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ यमुना के वैज्ञानिक शुद्धिकरण और संरक्षण के उपायों पर चर्चा करेंगे।
विनोद डबास