-जलस्तर कम होने के बाद भी एनडीआरएफ की टीम अभी जिले में मौजूद रहेगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कई दिन बाद यमुना का जलस्तर कम होने लगा है। शनिवार को जलस्तर 0.45 मीटर कम हो गया है। जिस पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन डूब क्षेत्र अभी भी पानी से लबालब है। हालांकि वहां मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। प्रशासन ने सभी टीमों को अलर्ट पर रखने के साथ ही नजर रखने को बोला हुआ है। लोगों को अभी वापस डूब क्षेत्र में नहीं जाने दिया जाएगा। वहीं एनडीआरएफ की टीम अभी जिले में मौजूद रहेगी। टीम ने सेक्टर-128 के पास से कुछ कुत्तों को रेस्क्यू किया है।
हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ने के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। जिस कारण गौतमबुद्ध नगर में यमुना का डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया था। खेतों के साथ फार्महाउस भी डूब गए। 20 हजार से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 200.45 मीटर रहा था। जो शनिवार को 200.00 मीटर पर पहुंच गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगले दो दिन में पानी पूरी तरह उतरने की उम्मीद है। वहीं हिंडन का जलस्तर भी 199.95 मीटर रहा। हिंडन का जलस्तर कम होने पर घरों में भरा पानी निकलने लगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम जेवर के मेंहदीपुर और दूसरी सदर तहसील क्षेत्र के सेक्टर 135 में लगी है। एसडीआरएफ की एक टीम सेक्टर 128 में तैनात है। वहां एनजीओ की शिकायत पर कुछ कुत्तों को रेस्क्यू किया गया। 14 नावों के साथ आपदा मित्र व होमगार्ड भी नजर रख रहे हैं।
बच्चों को पढ़ा रही महिला लेखपाल
प्रशासन के 15 राहत शिविर बने हैं। जहां तीन हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या भी काफी है। नोएडा के सेक्टर-135 में बने शिविर में भी काफी बच्चे हैं। जिनको महिला लेखपाल पढ़ रही है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि महिला लेखपाल रोजाना बच्चों को पढ़ा रही है। पढ़ाने के लिए एक बोर्ड भी रखा गया है। 50 से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं।