सेक्टर-22ई और 17ए में दी गई जमीन, इनमें एक मेडिकल कॉलेज भी शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) यमुना सिटी को एजूकेशन हब के रूप में विकसित कर रहा है। प्राधिकरण ने तीन विश्वविद्यालयों मंगलायतन विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय और महाराष्ट्र के एमजीएम विश्वविद्यालय को भूखंड आवंटित कर दिए है। एमजीएम विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेज बनाने जा रहा है। पिछले दिनों प्राधिकरण ने पांच भूखंडों पर प्रस्ताव मांगे थे।
प्राधिकरण के मुताबिक महात्मा गांधी भारतीय विद्यापीठ द्वारा संचालित एमजीएम से पहले महाराष्ट्र की एक और संस्था नरसी मोनजी विश्वविद्यालय अपना कैंपस यमुना सिटी में निर्माण कर रहा है। यहां पर मिलने वाली सुविधाएं और सहजता को देखते हुए महाराष्ट्र के अन्य शैक्षिक संस्थान भी प्राधिकरण से संपर्क कर रहे थे। इसी क्रम में एमजीएम (महात्मा गांधी मिशन) ने यहां पर आने में दिलचस्पी दिखाई। वह यहां पर मेडिकल कॉलेज बनाने जा रहे हैं। एमिटी और एमजीएम को 10-10 एकड़ और मंगलायतन विश्वविद्यालय को 12 एकड़ जमीन दी गई है। फिलहाल सेक्टर-22ई में तीन विश्वविद्यालय जेबीएम, नरसी मोनजी और फोर स्कूल निर्माणाधीन हैं। इस सेक्टर में पांच और विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित करने की योजना थी। इसी क्रम में तीन विश्वविद्यालयों को भूखंड दिए गए हैं। मंगलायतन विश्वविद्यालय की शाखाएं रांची, अलीगढ़, पंजाब, सिक्किम और ईटानगर में पहले से ही हैं। एमजीएम के पांच मेडिकल कॉलेज हैं।
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नरसी मोनजी के बाद महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शैक्षिक समूह एमजीएम है। नरसी मोनजी की यूूनिवर्सिटी पहले से बन रही है। इनको मिलने वाली सुविधाओं से यह प्रभावित हुए। इसको देखते हुए महाराष्ट्र के शैक्षिक संस्थान यहां आने में रुचि दिखा रहे हैं। - डॉ. अरुण वीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा