-अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण बनाने के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेगा जापान
-मेडिकल एक्सीलेंस जापान व यीडा के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। भारत के मेडिकल डिवाइस सेक्टर को नई दिशा देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और मेडिकल एक्सीलेंस जापान (एमईजे) के बीच अहम साझेदारी होने जा रही है। अब जापान और भारत मिलकर यमुना सिटी को एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी हब बनाएंगे। इसे लेकर शनिवार को यीडा के सीईओ और एमईजे के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
एमईजे के प्रतिनिधियों ने यीडा सीईओ आरके सिंह, ओएसडी शैलेन्द्र भाटिया और ईडी, ईपीसीएमडी प्रवीण कुमार मित्तल से मुलाकात की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच मेडिकल डिवाइस सेक्टर में सहयोग को लेकर (एमओयू) समझौता ज्ञापन के बिंदुओं को अंतिम रूप दिया गया। प्रस्तावित समझौता ज्ञापन का उद्देश्य यमुना सिटी में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। बताया कि इस साझेदारी के तहत जापानी कंपनियां न केवल यहां अपने निर्माण और अनुसंधान केंद्र स्थापित करेंगी, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तकनीक भी भारत में स्थानांतरित करेंगी। इससे भारतीय उद्योगों को नवीनतम तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। साथ ही इस समझौते से भारतीय कंपनियों को जापान और अन्य देशों के स्वास्थ्य बाजारों में निर्यात के अवसर भी मिलेंगे जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
अगले माह होगा एमओयू पर हस्ताक्षर
अगले महीने मेडिकल एक्सीलेंस जापान के वरिष्ठ प्रतिनिधि भारत आएंगे और औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद जापान की अग्रणी मेडिकल डिवाइस कंपनियों का एक प्रतिनिधिमंडल मेडिकल डिवाइस पार्क का दौरा करेगा। इस दौरान वह भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रमों, अनुसंधान साझेदारी और उत्पादन सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
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वर्जन
मेडिकल एक्सीलेंस जापान के साथ यह साझेदारी मेडिकल डिवाइस पार्क और मेक इन इंडिया अभियान के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को गति देने के साथ भारत को वैश्विक निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। इस सहयोग से मेडिकल डिवाइस निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे।
- आरके सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।