श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आयोजित कार्यक्रम में पूजा अर्चना करते हुए सेवायत।
मथुरा। सनातन परंपराओं और भक्ति भाव से ओतप्रोत देव प्रबोधिनी एकादशी का पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर और ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की और घर-घर में तुलसी–शालिग्राम विवाह के आयोजन हुए।
महिलाओं ने भगवान विष्णु को योगनिद्रा से जगाने के लिए घंटा, शंख और मृदंग की ध्वनियों के बीच पूजा-अर्चना की। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। शहर के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर, केशवदेव मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने भगवान के दर्शनों के साथ तुलसी और शालिग्राम का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न कराया। शाम होते-होते गलियां और मंदिरों के प्रांगण भजन, संकीर्तन और जयकारों की गूंज से भक्तिमय माहौल में डूब गए। संवाद