रसोई की जिम्मेदारियों और लैपटॉप की स्क्रीन के बीच संतुलन साधती जिले की महिलाएं अब सिर्फ दोहरी भूमिका तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि एक नई बहुआयामी पहचान गढ़ रही हैं। घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए वर्क फ्रॉम होम के जरिए आर्थिक मजबूती की नींव रखती ये महिलाएं अब अकेले आगे बढ़ने की नहीं, बल्कि साथ मिलकर आगे बढ़ने की कहानी लिख रही हैं। इस बदलाव को और मजबूत करता है उनका अनोखा कदम। हर 30 दिन अपने काम पर फोकस और महीने में एक दिन “कॉफी मीटअप” जहां वे अपने अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कर एक-दूसरे को नई ऊर्जा और दिशा देती हैं।
मैंने हमेशा महसूस किया कि कई महिलाएं टैलेंटेड होने के बावजूद सही प्लेटफॉर्म न मिलने की वजह से आगे नहीं बढ़ पातीं। इसी सोच से ‘कॉफी मीटअप’ की शुरुआत की, जहां महिलाएं खुलकर अपने आइडिया शेयर कर सकें और एक-दूसरे से सीख सकें। जब महिलाएं एक-दूसरे को सपोर्ट करती हैं, तो न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे अपने बिजनेस और जिंदगी दोनों में नई ऊंचाइयां हासिल करती हैं। दो बच्चों की मां होने के साथ-साथ दो पेट्स को भी पालती हूं।
- वंदना गुप्ता, सेक्टर-74 निवासी
शादी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के बाद खुद को दोबारा पहचानना मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज था। लेकिन चॉकलेट बनाने का मेरा जुनून कभी कम नहीं हुआ। मैंने छोटे स्तर से शुरुआत की और आज अपना ब्रांड खड़ा कर पाई हूं। परिवार के सहयोग और लगातार सीखने की इच्छा ने मुझे आगे बढ़ने की ताकत दी। कॉफी मीटअप जैसे प्लेटफॉर्म से मुझे न सिर्फ नए आइडिया मिले, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा।
-ऋचा बजाज, पैरामाउंट सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट
मेरे लिए परिवार और करियर दोनों ही जरूरी है। मैंने हमेशा यही कोशिश की कि अपने सपनों के साथ कोई समझौता न करूं। मिसेज इंडिया पैशनेट का खिताब जीतना मेरे लिए गर्व की बात है, लेकिन असली खुशी तब मिलती है जब मैं दूसरी महिलाओं को आगे बढ़ते देखती हूं।
-अंचल जैन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी
महिलाओं की शादी के बाद जिंदगी बदल जाती है। शादी के बाद बच्चे और परिवार को संभालने के बाद वह खुद को भूल जाती हैं। लेकिन मैंने ऐसा करने से खुद को रोका और करीब 15 साल से अपने परिवार और बच्चों के साथ अपना काम भी कर रही हूं। आज मैं दूसरी महिलाओं को आगे आकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करतीं हूं। अब हम लोग कॉफी मीट के जरिए मिलते हैं और अपने आइडिया और योजनाएं एक दूसरे के साथ शेयर कर रहे हैं।
- पारुल रस्तोगी, सेक्टर-77 निवासी