संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। देवटा गांव में महिला बेटी से मिलने के लिए पति के घर के बाहर धरने पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि पति ने बेटी को 6 माह से छिपाया हुआ है। देर शाम तक पुलिस उसे हटाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह बेटी से मिलने की जिद पर अड़ी रही।
दादरी के खेड़ा धर्मपुरा निवासी सुभाष मावी ने बताया कि उनकी बहन मधु की शादी देवटा गांव में हुई थी। उन्हें आठ साल की बेटी है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन पति और बेटी के साथ बंगलुरू में रह रही थी। दह माह पहले गुरुग्राम में नौकरी की बात कहकर पति वहां से आ गया। कुछ दिन बाद बेटी को भी गुरुग्राम ले गया। बाद में जब पीड़िता ससुराल पहुंची तो उसे भगा दिया। कई बार प्रयास के बावजूद पति ने बेटी से नहीं मिलने दिया।
इसके बाद रविवार को बेटी से मिलने की मांग को लेकर वह धरने पर बैठ गई, जिसके बाद ससुरालवाले घर में ताला लगाकर फरार हो गए। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि पुलिस ने बेटी और पति से बात की है। बेटी ने ही महिला से मिलने से मना कर दिया है। महिला को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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डिलीवरी के बाद इलाज के दौरान महिला की हुई मौत, लापरवाही का आरोप
दनकौर। कासना कोतवाली क्षेत्र के कुलीपुरा गांव की गर्भवती की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने दनकौर कोतवाली बिलासपुर कस्बे के दो निजी अस्पतालों के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कुलीपुरा निवासी पूजा(28) को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के देवर जितेंद्र का आरोप है कि अस्पताल में पांच घंटे तक भर्ती रखकर उपचार किया गया और हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां, डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बताई। अस्पताल में पूजा ने बेटी को जन्म दिया, लेकिन ब्लीडिंग और उल्टी होने से उनकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण स्थिति बिगड़ी। गंभीर हालत में पहले उन्हें दनकौर स्थित अस्पताल और फिर ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।