साइबर ठगों ने पहले ट्राई कर्मी बनकर किया फोन, फिर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का दिखाया डर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 24 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़िता वरिष्ठ नागरिक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी हैं। शिकायत पर पुलिस ने सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगों ने महिला को ट्राई कर्मी बनकर फोन किया था और दो घंटे में सिम बंद होने की जानकारी दी। कारण पूछने पर अवैध लेनदेन समेत कई अन्य आरोप में केस दर्ज होने की बात कहकर डराया, फिर जांच के नाम पर दूसरे साइबर जालसाजों ने पुलिसकर्मी के भेष में वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट किया और रकम ट्रांसफर करवा ली।
थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रेनो वेस्ट की एक सोसाइटी में निवासी अनीता श्रीवास्तव परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 7 नवंबर की शाम करीब चार बजे जालसाज ने ट्राई कर्मी बनकर फोन किया। दो घंटे में सिम बंद होने की चेतावनी दी। इसका कारण जानने पर ठग ने उनके आधार कार्ड से बैंक में खाता खोला जाना और उसमें अवैध लेनदेन करने पर मुकदमा दर्ज होना बताया। यह सुनकर पीड़िता चौक गईं। उन्होंने फोन को रख दिया।
थोड़ी देर में जालसाजों ने पीड़ित के पास पुलिसकर्मी बनकर वीडियो कॉल की। पुलिसकर्मी ने बताया कि उनके बैंक खाते में अवैध लेनदेन किया गया है। इस बाबत उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। ठगों ने वाट्सअप पर वारंट भेजा। जल्द गिरफ्तार करने पर जोर दिया। उनका घर को निगरानी में होना बताया। यह बात साझा करने पर तत्काल रेड डालने की चेतावनी दी। यह सुनकर पीड़िता डर कर ठगों की बात मानने लगीं। दूसरे ठग ने पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ही पूछताछ की। पीड़िता के खुद को बेकसूर बताने पर ठगों ने संपत्ति की जांच कराने पर गिरफ्तारी से बचने का उपाय बताया। ठगों ने पीड़िता से 24 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। फिर महिला ने परिजनों को इसके बारे में बताया तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बैंक खाते जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई गई है उनकी जांच की जा रही है।