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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे

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नगीना। देश के सबसे चर्चित मामले अयोध्या-बाबरी मस्जिद के केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। 18 नवंबर से पहले कोर्ट का निर्णय आने की संभावना है। इसके लिए गांव नगीना में छत्तीस बिरादरी के मौजिज लोगों की एक महापंचायत की गई जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने मिलकर छत्तीस सदस्य सद्भावना कमेटी का गठन किया। सभी समाज के लोगों ने एकमत होकर यह प्रस्ताव पास किया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अयोध्या-बाबरी मस्जिद मामले में किसी के पक्ष में भी आए, सभी समुदाय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करेंगे और किसी तरह का जश्न नहीं मनाएंगे। किसी भी समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करेंगे। निर्णय आने के उपरांत डीजे, पटाखे और बाजा बजाने पर भी रोक लगाई गई।
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सद्भावना कमेटी के सदस्यों ने बताया कि पूर्व सरपंच सुभाष गुप्ता की अध्यक्षता में मौजिज लोगों की बैठक की गई। महापंचायत में सरपंच नसीम अहमद, हाजी असगर हुसैन, नंबरदार एसोसिएशन प्रधान महावीर प्रसाद, गोरवाल चौधरी यूनुस उर्फ मुन्नत, राहुल जैन, मेवात विकास सभा प्रधान सलामुद्दीन, रघुवीर फौजी, शिव कुमार आर्य व सूबेदार खान ने भी अपने विचार रखे। सभी ने समाज के लोगों से आपसी भाईचारा व प्यार बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि ये धार्मिक घटनाएं कुछ समय के लिए भावनाओं को उत्तेजित कर देती है जिससे आदमी गलती कर बैठता है। फैसला कुछ भी आये परंतु संयम और शांति बरतने की आवश्यकता है ताकि समाज का माहौल न बिगड़े। समाज में सद्भावना व भाईचारा बना रहे। इसमें सभी समुदायों के 36 सदस्य सद्भावना कमेटी का गठन किया गया। बैठक में जैन समाज प्रधान सुधीर जैन, नेमचंद गोयल, कपड़ा यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल जैन, जाकिर हुसैन, समाजसेवी रियाजुद्दीन, उमर नंबरदार, पूर्व सरपंच सुभाष गुप्ता, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्यारेलाल, सतपाल सैनी, प्रधान महावीर सैनी, रामकिशन ठेकेदार, हाजी रसीद, शेर अली, मदन कपूर, रजाक, प्रभु गम्भीर, मुकेश, मुस्तफा, नवाब, मानक सैनी, राजीव जैन, गिर्राज गजमोती सहित गांव के मौजूद पंच, पूर्व सरपंच, पंच, पार्षद, ब्लॉक पंचायत समिति सदस्य व कस्बा के गणमान्य उपस्थित थे।
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